बेगूसराय, बिहार से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) के बयान ने एक बार फिर देश की राजनीति में घुसपैठ, राष्ट्रीय सुरक्षा और वोट बैंक की बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी राजनीति सत्ता बचाने तक सीमित हो चुकी है और इसके लिए वे गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों की अनदेखी कर रही हैं। गिरिराज सिंह का कहना है कि जिस समय पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं, उसी समय पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को कथित रूप से संरक्षण और रोजगार दिया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता चाहती है तो इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसकी पहल खुद ममता बनर्जी को करनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि ऐसा होना मुश्किल है, क्योंकि उनके अनुसार मुख्यमंत्री वोट बैंक की राजनीति में फंसी हुई हैं और इसी कारण वे अवैध घुसपैठ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर कदम नहीं उठाना चाहतीं। गिरिराज सिंह के इस बयान को 2024 के बाद बदलते राजनीतिक समीकरणों और आगामी चुनावी रणनीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकी संतुलन जैसे मुद्दे फिर से केंद्र में आते दिख रहे हैं।
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान के चौमूं क्षेत्र में हुई पथराव की घटना पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी और यह कार्रवाई कानून के दायरे में है। गिरिराज सिंह ने यह तर्क दिया कि किसी धार्मिक स्थल के पास अतिक्रमण हो जाने से उसे हटाने से रोका नहीं जा सकता और सरकार को अपने संवैधानिक दायित्व निभाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसी तरह के दबाव या शक्ति प्रदर्शन से डरने वाली नहीं है और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।






















