संगारेड्डी, तेलंगाना: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के अमीनपुर में एक ऐसी दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसने माँ के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया। 30 साल की अवुरी चिंताला राजिता उर्फ लावण्या ने अपने तीन मासूम बच्चों की गला दबाकर हत्या कर दी, ताकि वह अपने पुराने सहपाठी और प्रेमी सू्रु शिवकुमार (30) के साथ नया जीवन शुरू कर सके। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
घटना का पर्दाफाश
यह खौफनाक वारदात 27 मार्च 2025 को हुई। राजिता ने अपने पति अवुरीचिंताला चेन्नैया के काम पर जाने के बाद अपने तीन बच्चों को बेरहमी से मार डाला। पहले तो उसने इसे छिपाने की कोशिश की और दावा किया कि बच्चों की मौत खाने में जहर मिलने से हुई। उसने खुद भी बीमारी का ढोंग रचा और पति उसे अस्पताल ले गया। मगर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सारी सच्चाई सामने ला दी – बच्चों की मौत गला घोंटने से हुई थी, न कि जहर से। संगारेड्डी के पुलिस अधीक्षक परितोष पंकज ने बताया कि गहन छानबीन और सख्त पूछताछ के बाद राजिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने खुलासा किया कि बच्चों को इसलिए मारा गया क्योंकि वे उसके प्रेमी शिवकुमार के साथ नई जिंदगी की राह में रोड़ा बन रहे थे।
प्रेम कहानी और अपराध की जड़
राजिता एक निजी स्कूल में शिक्षिका थी। उसकी शादी 2013 में चेन्नैया से हुई थी, जो पानी का टैंकर चलाता है और उससे 20 साल बड़ा है। उनके तीन बच्चे थे। करीब छह महीने पहले राजिता अपने गाँव नलगोंडा जिले के गोडुकोंडला में 10वीं कक्षा के रीयूनियन में गई, जहाँ उसकी मुलाकात पुराने सहपाठी शिवकुमार से हुई। यह मुलाकात धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। दोनों अक्सर मिलने लगे और फोन पर घंटों बातें करते थे। शिवकुमार, जो अविवाहित है और एक निजी कंपनी में नौकरी करता है, ने राजिता से शादी का वादा किया, लेकिन शर्त रखी कि वह बच्चों को साथ नहीं लाएगी। इसी शर्त ने राजिता को इस क्रूर कदम की ओर धकेल दिया।
अपराध का तरीका
27 मार्च की रात, जब चेन्नैया रात 10 बजे काम पर निकला, राजिता ने मौके का फायदा उठाया। उसने अपने बच्चों को एक-एक कर गला घोंटकर मार डाला। फिर उसने बीमार होने का नाटक किया ताकि किसी को शक न हो। अगली सुबह बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पहले पुलिस को लगा कि यह फूड पॉइजनिंग का मामला है, लेकिन पोस्टमॉर्टम और फोन रिकॉर्ड्स ने सारी साजिश उजागर कर दी।
पुलिस की तफ्तीश और गिरफ्तारी
पुलिस ने राजिता और शिवकुमार के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, जिससे दोनों के बीच लगातार संपर्क का पता चला। पूछताछ में यह भी सामने आया कि शिवकुमार ने राजिता को इस अपराध के लिए उकसाया था। 2 अप्रैल को दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया।