हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल के जस्टिस फॉर रूपेश पांडेय के मुहिम अंतत: रंग लायी। वहीं झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए रूपेश पांडेय हत्याकांड मामले की जांच CBI से कराने का आदेश दिया है। जस्टिस एसके द्विवेदी की कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस की अब तक की जांच पर गहरा असंतोष जाहिर किया। उन्होंने सीबीआई को निर्देश दिया कि वो जल्द से जल्द इस मामले को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू करे। बता दें कि मृतक रूपेश की मां की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिट दायर किया गया था। मनीष जायसवाल ने घटना के दूसरे ही दिन से परिवार के साथ मुस्तैदी से खड़े होकर पुरजोर तरीके से उठाया था।
मैं आपकी आवाज बनूंगा
विधायक मनीष जायसवाल ने रुपेश की जल रही चिता के सामने ही उनके परिवार और स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर आश्वासन दिया था कि मैं आपकी आवाज बनूंगा और उनके सीने में रुपेश की चिता की आग ऐसी धधकी की पिछले झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन वे सदन पटल पर रूपेश हत्याकांड को लेकर खूब गरजे और कहा कि यह हत्या महज संयोग नहीं बल्कि सोची समझी साजिश है और इसकी केंद्रीय एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच होनी ही चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि न्याय मिलने तक आवाज बुलंद करता रहूंगा। विधायक मनीष जायसवाल ने इस मामले को सदन पटल पर कईएक बार उठाया और परिवार के साथ खड़े रहकर सामाजिक व राजनीतिक लोगों में समन्वय स्थापित कर स्वर्गीय रूपेश पांडेय की न्याय की लड़ाई को जारी रखा।
सड़क से लेकर सदन तक इस लड़ाई को मुस्तैदी से उठाया था

विधायक मनीष जायसवाल ने सही मायने में सड़क से लेकर सदन तक इस लड़ाई को मुस्तैदी से उठाया। सड़क पर विरोध – प्रदर्शन से लेकर विधानसभा में समस्त भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के साथ जोरदार प्रदर्शन कर सरकार को कारवाई के लिए मजबूर किया। विधायक मनीष जायसवाल ने सदन के अंदर प्रश्न व सरकार से मौखिक रूप से भी इस मुद्दे पर गंभीरता से वार्ता की। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी जस्टिस फॉर रूपेश पांडेय का मुहिम उन्होंने चलाया। जिसे पूरे देश- दुनिया के लोगों ने भारी समर्थन दिया। लगातार अपना प्रोफाईल पिक भी जस्टिस फॉर रूपेश पांडेयके नाम किया।




















