बिहार में दो अलग अलग जिलों में दवा खाने से सैकड़ों बच्चें बीमार हो गए। दवा खाने के बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी होने लगा। बच्चों की हालत बिगड़ती देख सभी को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां सभी का इलाज कराया जा रहा है।
परिजनों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
पहला मामला सीतामढ़ी का है जहां फाइलेरिया की दवा खाने से एक सरकारी विद्यालय के 50 बच्चों के बीमार पड़ने की सूचना है। हालांकी अबतक 25 बच्चों को इलाज के लिए डुमरा पीएचसी लगाया गया। वही अन्य बच्चों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला डुमरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जवाहिपुर का है। इधर बच्चों के बीमारी होने की सूचना पर जिला भी बीडी पदाधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच जांच में जुट गए है। बतादें की फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर 10 फरवरी से शुरु होने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत सभी बच्चों को डीईसी, अल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई थी। जिसके बाद बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी। सभी बच्चे पेट दर्द और उल्टी करने लगे। जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से बीमार बच्चों को अस्पताल लाया गया। इधर बच्चों के बीमार पड़ने से परिजन आक्रोशित है, परिजनों का आरोप है की बच्चों को लगातार दवा खिलाने के कारण उनकी तबियत खराब हुई है। स्वास्थ्य विभाग को दवा खिलाने के लिए ट्रेंड आदमी रखना चाहिए था।
कैमूर में हुए सैकड़ों बच्चें बीमार
दूसरा मामला कैमूर से है जहां सर्वजन दवा सेवन के द्वारा चलाया जा रहा अभियान के तहत एल्बेंडाजोल की दवा खाने से कैमूर जिला के कई गांवो में अफरा तफरी मच गया है वहीं, एल्बेंडाजोल की दवा खाने से कई स्कूल के सैंकड़ो छात्र छात्राओं की हालत बिगड़ गई है। कई बच्चें बेहोश हो गए वहीं कई को उल्टी होने लगी है। बीमार होने के बाद सभी बच्चों को निजी अस्पताल और सरकारी अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया गया है। मामला रामगढ़ प्रखंड,नुआंव प्रखंड,मोहनिया प्रखंड सहित चैनपुर के सिरबिट गांव के विभिन्न विद्यालयों का है।
वहीं, इस घटना से रामगढ़ रेफरल अस्पताल एवं चैनपुर पीएचसी नुआंव अस्पताल मरीजों से खचा खच भर गया है। वहीं बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है कैमूर डीएम सावन कुमार सिविल सर्जन, शिक्षा पदाधिकारी सहित सभी विभाग के अधिकारी घटना स्थल पर जाकर मामले की जांच की। डीएम सावन ने मामले की जांच करते हुए बताया कि ये मेरे ही द्वारा आज से फाइलेरिया का सर्वज दवा का कार्यक्रम किया गया था जिसका सेवन मैने भी किया था वहीं रामगढ़ से और नुआंव से सूचना मिला की एल्बेंडाजोल की दवा खाने से काफी बच्चें बेहोश हो गए हैं जिसके बाद यहां पहुंचा तो देखा की काफी बच्चें स्वस्थ्य है और कुछ बच्चें बीमार है जिनका इलाज किया जा रहा है। डीएम ने कहा की दवा में कोई खराबी नहीं है, पर इस दवा को खाली पेट सेवन करने से इसका थोड़ा बहुत साइड इफेक्ट्स होते है जोकि एक बच्चा को हुआ तो उससे बच्चे डर गए और इन लोगों का भी तबियत बिगड़ गया, अभी रामगढ़ और नुआंव के 25 से 30 बच्चों का इलाज किया जा रहा है फिलहाल सभी स्वस्थ है जल्द ही घर जा सकेंगे।




















