बिहार के मोतिहारी जिले (India Nepal Border Motihari) से सटे भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनती दिखी, जब सशस्त्र सीमा बल की 47वीं बटालियन ने अवैध घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए तीन बांग्लादेशी नागरिकों और एक भारतीय मददगार को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई न सिर्फ सीमा सुरक्षा की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि सीमा पार अवैध नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं और नए रास्तों की तलाश में जुटे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना के बाद एसएसबी के जवानों ने निगरानी तेज कर दी थी। इसी दौरान भारत-नेपाल को जोड़ने वाले मैत्री पुल पर नियमित जांच के क्रम में चार लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। दस्तावेजों की गहन जांच और पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ कि इनमें से तीन लोग बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो अवैध तरीके से नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। उनके साथ मौजूद चौथा व्यक्ति भारतीय नागरिक निकला, जो इस पूरी घुसपैठ में गाइड और सहयोगी की भूमिका निभा रहा था।
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गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान एमडी ओल्यूर रहमान, एमडी सोफाज और एमडी फिरोज के रूप में हुई है, जबकि भारतीय मददगार का नाम मो. सरफराज अंसारी बताया गया है, जो पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया थाना क्षेत्र का निवासी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि सरफराज ही इन विदेशी नागरिकों को सुरक्षित तरीके से सीमा पार कराने और आगे के ठिकानों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा था।
इस घटना ने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह है कि इन बांग्लादेशी नागरिकों का असली मकसद क्या था, उनका अंतिम गंतव्य कहां था और क्या इनके पीछे किसी संगठित घुसपैठ या फर्जी दस्तावेज नेटवर्क का हाथ है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन्हें भारत में रहने के लिए फर्जी पहचान पत्र उपलब्ध कराने की तैयारी पहले से की जा चुकी थी।
रक्सौल सीमा पर तैनात एसएसबी की 47वीं बटालियन के कमांडेंट संजय पांडेय ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि इन चारों को मैत्री पुल पर दैनिक जांच के दौरान संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सभी आरोपियों को संबंधित हरैया थाना को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।
इस गिरफ्तारी के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी और बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि सीमा पार से हो रही इस तरह की घुसपैठ केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सीमा क्षेत्र में जांच अभियान और सख्त होने की संभावना जताई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।






















