इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Crisis) की लगातार रद्द हो रही उड़ानों ने यात्रियों के बीच अफरातफरी की स्थिति पैदा कर दी है। खासकर दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए हालात ज्यादा मुश्किल हो गए थे, लेकिन इस बीच भारतीय रेलवे ने संकट की घड़ी में बड़ा और व्यावहारिक कदम उठाया है। पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए विशेष योजना के तहत न सिर्फ स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, बल्कि प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त एसी कोच भी जोड़े गए हैं, ताकि फ्लाइट कैंसिलेशन का असर यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर कम से कम पड़े।
दानापुर मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, तेजस राजधानी एक्सप्रेस में थर्ड एसी का एक अतिरिक्त कोच और संपूर्णक्रांति एक्सप्रेस में सेकेंड एसी का अतिरिक्त कोच लगाया गया है। इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा, जिन्हें एयर टिकट रद्द होने के बाद तुरंत यात्रा का विकल्प ढूंढ़ना पड़ रहा था। रेलवे के इस फैसले से न केवल सीटों की उपलब्धता बढ़ी है, बल्कि किराये और समय के लिहाज से भी यात्रियों को राहत मिली है।
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल होने की स्थिति में यात्रियों को तुरंत वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत पटना और दरभंगा से आनंद विहार टर्मिनल के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन ट्रेनों का शेड्यूल इस तरह बनाया गया है कि ज्यादा से ज्यादा यात्री दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र तक समय पर पहुंच सकें।
पटना से आनंद विहार टर्मिनल के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन आठ दिसंबर को रात 20:30 बजे, वहीं आनंद विहार से पटना के लिए सात और नौ दिसंबर को ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा दरभंगा और आनंद विहार टर्मिनल के बीच भी स्पेशल ट्रेनें चलाकर उत्तर बिहार के यात्रियों को सीधी राहत दी गई है। रेलवे का यह कदम साफ तौर पर दर्शाता है कि एयर ट्रैवल में आई बाधा का बोझ यात्रियों पर न पड़े, इसके लिए जमीन पर वैकल्पिक व्यवस्था तेज़ी से की जा रही है।
गौरतलब है कि इंडिगो फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण हवाई यात्रा लगभग ठप सी हो गई थी और हजारों यात्री असमंजस में फंस गए थे। ऐसे में रेलवे की यह पहल केवल एक अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि इमरजेंसी मैनेजमेंट का उदाहरण भी है। अतिरिक्त कोच और स्पेशल ट्रेनों के जरिए रेलवे ने यह संदेश दिया है कि संकट के समय यात्रियों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और देश की लाइफलाइन के रूप में रेल सेवा पूरी ताकत के साथ खड़ी है।






















