बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः शुरू करने के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत करते हुए गन्ना उद्योग मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए औद्योगिकीकरण और युवाओं को रोजगार प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंत्री विजय चौधरी ने इस फैसले को सराहनीय और स्वागत योग्य कदम करार देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सात निश्चय-3 के तहत ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ योजना के अंतर्गत सभी बंद चीनी मिलों को जल्द से जल्द चालू करने की प्रक्रिया तेज की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार इन मिलों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की दिशा में गंभीरता से कार्यरत है।मंत्री ने विशेष रूप से जोर दिया कि वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों के कारण गन्ना किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मिलों के पुनः संचालन से गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को सीधा और स्थिर लाभ मिलेगा, उनकी आय में वृद्धि होगी तथा गन्ने का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।
बता दें कि राज्य में वर्तमान में पश्चिम चंपारण के चनपटिया, पूर्वी चंपारण के बाराचकिया और मोतिहारी, गोपालगंज के सासामूसा, सारण के मढ़ौरा, मुजफ्फरपुर के मोतीपुर, समस्तीपुर की समस्तीपुर मिल तथा दरभंगा के सकरी और रैयाम सहित कुल 9 प्रमुख चीनी मिलें बंद पड़ी हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन सभी मिलों को शीघ्र चालू किया जाए। अच्छी खबर यह है कि सासामूसा चीनी मिल को जल्द शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, और बाकी मिलों के लिए भी तेजी से कार्ययोजना बनाई जा रही है।






















