Birgunj violence: नेपाल के पारसा जिले का बीरगंज इन दिनों सियासी और सामाजिक तनाव के दौर से गुजर रहा है। भारत-नेपाल सीमा से सटा यह संवेदनशील इलाका अचानक हिंसा की चपेट में आ गया है। मस्जिद में कथित तोड़फोड़ की घटना के बाद हालात इस कदर बिगड़े कि दो समुदायों के बीच टकराव शुरू हो गया। हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े और पूरे बीरगंज में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि बीरगंज के धानुशा क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना सामने आई, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी फैल गई। देखते ही देखते मामला हिंसक झड़पों में तब्दील हो गया। कई इलाकों से पत्थरबाजी की खबरें आईं और पुलिस को हालात संभालने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। झड़पों के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
रविवार से ही बीरगंज में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। सोमवार को प्रशासन ने हालात को देखते हुए कुछ पाबंदियां लगाईं, लेकिन उपद्रव पूरी तरह नहीं रुका। इसी के चलते मंगलवार को कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया। पारसा जिले के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर भोला दहल ने बताया कि मंगलवार की शाम छह बजे तक कर्फ्यू प्रभावी रहेगा और हालात की समीक्षा के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
बीरगंज की भौगोलिक स्थिति इस पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना देती है। यह शहर भारत की सीमा से सटा हुआ है और बिहार के सीमावर्ती इलाकों से इसका सीधा संपर्क है। इसी वजह से हिंसा की खबर सामने आते ही भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित असर को रोकने के लिए चौकन्ना हैं और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि सोमवार रात से ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई थी, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए। मंगलवार को कर्फ्यू के साथ-साथ गश्त और चेकिंग भी तेज कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी नजर रखे हुए हैं, क्योंकि बीते कुछ वर्षों में इस तरह की घटनाओं में भ्रामक सूचनाएं तनाव को और बढ़ाने का कारण बनी हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों की संवेदनशीलता को उजागर किया है। बीरगंज न सिर्फ नेपाल का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, बल्कि सीमा पार आवाजाही और सामाजिक रिश्तों के कारण इसका सीधा असर भारतीय इलाकों पर भी पड़ता है। ऐसे में नेपाल में पैदा हुआ यह तनाव भारत के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सुरक्षा बलों की तैनाती, कर्फ्यू और सख्त निगरानी के बीच बीरगंज में शांति बहाली की कोशिशें जारी हैं। आने वाले घंटों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर न सिर्फ नेपाल बल्कि भारत की एजेंसियों की भी नजर बनी हुई है।
















