DIG Fake Facebook: बेतिया में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करता था। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर पहचान की सच्चाई पर बिना जांचे भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक पर चंपारण रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक हर किशोर राय, आईपीएस के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर सक्रिय था। वह फेसबुक मैसेंजर के जरिए लोगों से संपर्क करता, खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताकर भरोसा जीतता और फिर अलग-अलग बहानों से पैसे ऐंठ लेता था। इस पूरे खेल में आरोपी ने सोशल मीडिया की विश्वसनीयता और आम लोगों की मानसिक कमजोरी का फायदा उठाया।
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साइबर डीएसपी गौतम शरण ओमी ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान तस्लीम खान के रूप में हुई है, जो राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी इसी तरह के साइबर अपराधों में शामिल रहा है और अलग-अलग बड़े अधिकारियों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। इससे स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल एक घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही साइबर ठगी की श्रृंखला का हिस्सा है।
इस पूरे मामले की जानकारी 12 तारीख को बेतिया के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन को मिली थी। इसके बाद उनके निर्देश पर साइबर थाना में कांड संख्या 52/25 दर्ज कर एक विशेष जांच टीम बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान में आरोपी के ठिकाने की पहचान की और वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को राजस्थान से बेतिया लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से साइबर ठगी के नेटवर्क, इस्तेमाल किए गए खातों और संभावित पीड़ितों की जानकारी सामने आएगी।


















