इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026 Auction) की नीलामी ने अबू धाबी से एक बार फिर भारतीय क्रिकेट के बदलते भूगोल की तस्वीर दिखा दी। महानगरों तक सीमित माने जाने वाले टैलेंट मैप पर इस बार बिहार ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। गोपालगंज के तेज गेंदबाज साकिब हुसैन और सुपौल के मो. इजहार को 30-30 लाख रुपये में खरीदकर फ्रेंचाइजियों ने साफ कर दिया कि अब प्रदर्शन और संभावना ही सबसे बड़ी पहचान है, न कि खिलाड़ी का शहर या संसाधन।
सनराइजर्स हैदराबाद ने साकिब हुसैन पर भरोसा जताते हुए उन्हें उनके बेस प्राइस पर टीम में शामिल किया। गोपालगंज के दरगाह मोहल्ला निवासी साकिब की यह दूसरी आईपीएल फ्रेंचाइजी है, लेकिन उनकी कहानी नई पीढ़ी के संघर्षशील क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बनती जा रही है। सीमित संसाधनों में पले-बढ़े साकिब के पिता सऊदी अरब में मजदूरी करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य रही है। इंटर तक पढ़ाई करने वाले साकिब ने घरेलू क्रिकेट में अपनी धारदार गेंदबाजी से पहचान बनाई। छह फर्स्ट क्लास मैचों में 16 विकेट और 12 टी20 मुकाबलों में 10 विकेट लेने वाले साकिब ने पिछले रणजी ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 10 विकेट झटककर बिहार को यादगार जीत दिलाई थी। यही निरंतरता और मैच जिताऊ क्षमता उन्हें आईपीएल तक ले आई।
मुंबई इंडियंस ने सुपौल के मो. इजहार को 30 लाख रुपये में खरीदकर अपनी तेज गेंदबाजी यूनिट को गहराई दी। युवा इजहार पर निवेश यह संकेत देता है कि फ्रेंचाइजियां भविष्य की टीम बनाते समय क्षेत्रीय क्रिकेट से उभरते नामों को नजरअंदाज नहीं कर रहीं। बिहार के लिए यह दोहरी खुशी रही कि एक ही दिन राज्य के दो तेज गेंदबाजों को आईपीएल का टिकट मिला।
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नीलामी में एक और नाम चर्चा में रहा—पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन। कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहली बार आईपीएल ऑक्शन में शामिल हुए सार्थक पर 30 लाख रुपये की बोली लगाकर उन्हें टीम में शामिल किया। दिल्ली के लिए रणजी खेलने वाले सार्थक के चयन ने दिखाया कि घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वालों के लिए आईपीएल के दरवाजे खुले हैं, चाहे वे किसी भी पहचान के साथ आए हों।
हालांकि, नीलामी की चमक-दमक के बीच एक सख्त सच्चाई भी सामने आई। तेज गेंदबाज आकाश दीप को लखनऊ सुपर जायन्ट्स ने रिलीज कर दिया। पिछले सीजन में 8 करोड़ रुपये में खरीदे गए आकाश दीप इस बार चौथे सेट तक अनसोल्ड रहे। किसी भी टीम ने उन पर बोली नहीं लगाई, जो यह बताता है कि आईपीएल में हर सीजन नई शुरुआत होती है और पिछली कीमतें भविष्य की गारंटी नहीं बनतीं।
रिटेंशन की बात करें तो सनराइजर्स हैदराबाद ने ईशान किशन को, दिल्ली कैपिटल्स ने मुकेश कुमार को और राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को अपने साथ बनाए रखा है। कुल 350 खिलाड़ियों वाली इस नीलामी में बिहार के छह खिलाड़ी शामिल रहे, जिनमें साकिब हुसैन, मो. इजहार, सार्थक रंजन के साथ-साथ साबिर खान और विकेटकीपर बल्लेबाज बिपिन सौरभ जैसे नाम भी रहे। यह आंकड़ा अपने आप में संकेत है कि बिहार क्रिकेट अब केवल भागीदारी नहीं, बल्कि प्रभाव छोड़ने की स्थिति में है।


















