Rabri Devi Transfer Petition: दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में IRCTC होटल करप्शन केस से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में हलचल तेज कर दी। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी द्वारा दाखिल ट्रांसफर एप्लीकेशन पर अदालत ने नोटिस जारी करते हुए CBI को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 6 दिसंबर को करेगी, जिसमें यह तय हो सकता है कि केस किसी नए जज को ट्रांसफर किया जाएगा या नहीं।
यह मामला राजनीतिक रूप से जितना चर्चित है, उतना ही कानूनी रूप से जटिल भी है। राबड़ी देवी, उनके पति और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, और उनके बेटे तेजस्वी यादव पहले से ही इस भ्रष्टाचार केस में ट्रायल का सामना कर रहे हैं। मुकदमा इस समय सबसे अहम चरण, प्रॉसिक्यूशन एविडेंस, में है, जहां CBI के दावों और प्रस्तुत साक्ष्यों की पड़ताल चल रही है। ऐसे में ट्रांसफर याचिका ने केस के भविष्य की दिशा को और दिलचस्प बना दिया है।
राबड़ी देवी की ओर से दाखिल याचिका में यह आग्रह किया गया है कि वर्तमान ट्रायल जज के अधीन निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, इसलिए केस को किसी अन्य अदालत या जज के पास भेजा जाए। अदालत ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए CBI से विस्तृत जवाब मांगा है। कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि जब किसी केस में राजनीतिक हस्तियां शामिल हों और मामला सार्वजनिक रूप से अत्यधिक चर्चित हो, तब निष्पक्षता सुनिश्चित करना अदालत की प्राथमिकता होती है।
IRCTC होटल करप्शन केस की शुरुआत उस आरोप से हुई थी, जिसमें कहा गया था कि रेलवे के होटल टेंडर में गंभीर अनियमितताएं हुईं। CBI ने आरोप लगाया था कि सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए लाभ पहुंचाने और निजी फायदा लेने की कोशिश की गई। इस केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
प्रॉसिक्यूशन एविडेंस की मौजूदा स्थिति में CBI द्वारा पेश किए गए दस्तावेज, गवाहों के बयान और अनियमितताओं के आरोपों की बारीकी से जांच जारी है। यदि यह केस किसी नए जज के पास जाता है, तो ट्रायल में देरी हो सकती है, लेकिन कानूनी पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।
राबड़ी देवी के वरिष्ठ वकील ने कोर्ट में यह दलील भी रखी कि परिवार को केवल CBI ही नहीं बल्कि ED के केस का भी सामना करना है। ऐसे में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ED केस में भी ट्रांसफर एप्लीकेशन दाखिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि इतने प्रभावशाली राजनीतिक परिवार के खिलाफ दर्ज केसों में न्यायिक प्रणाली का भरोसा बनाए रखना महत्वपूर्ण है।





















