झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के विवादित बयान ने राज्य की राजनीति में आग लगा दी है। एक वायरल वीडियो में मंत्री अंसारी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को लेकर ऐसी टिप्पणी करते दिख रहे हैं जिसे चुनावी प्रक्रिया में दखल और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन माना जा रहा है। वीडियो में वह कहते हैं कि यदि कोई BLO वोटर लिस्ट में नाम काटने आए तो उसे घर में बंद कर दें।
यह वीडियो जामताड़ा में आयोजित ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ कार्यक्रम का बताया जा रहा है जहां मंत्री खुले मंच से चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को सवालों के घेरे में लेते दिखे। SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के शुद्धीकरण की आधिकारिक प्रक्रिया है, जिसके तहत फर्जी, मृत या अयोग्य नाम हटाए जाते हैं और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है। ऐसे में मंत्री का लोगों को BLO रोकने या बंद करने की सलाह देना विपक्ष को राजनीतिक हथियार दे गया है।
इसके बाद भाजपा ने इस बयान पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन लोकतांत्रिक संस्थाओं को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल विवादित बयान नहीं, बल्कि संविधान के खिलाफ राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने का खतरनाक उदाहरण है। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि जहां-जहां इंडी गठबंधन सत्ता में आता है वहां नियमों और संवैधानिक प्रक्रियाओं को ताक पर रख दिया जाता है। भाजपा ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का संकेत भी दे दिया है।
इधर, बढ़ते विवाद के बाद मंत्री इरफान अंसारी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है। उनका इशारा उन फर्जी लोगों की ओर था जो खुद को BLO बताकर ग्रामीणों से पैसे वसूल रहे हैं। मंत्री ने कहा कि BLO चुनाव आयोग का सम्मानित अंग है और उनके प्रति किसी तरह की अवमानना उनकी मंशा नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि किसी गरीब या वंचित का नाम वोटर लिस्ट से गलत तरीके से न हटे।






















