Islamabad Blast: पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को उस वक्त दहशत के साये में आ गई, जब जुमे की नमाज़ के दौरान एक शिया इमामबाड़े में जोरदार धमाका हो गया। इस भीषण विस्फोट ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक इस घटना में अब तक 24 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह धमाका इस्लामाबाद के शहजाद टाउन इलाके स्थित तरलाई इमामबाड़े में उस समय हुआ, जब बड़ी संख्या में लोग नमाज़ अदा कर रहे थे। अचानक हुए विस्फोट से अफरा-तफरी मच गई। मस्जिद के भीतर और आसपास चीख-पुकार सुनाई देने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और इमारत का एक हिस्सा ढह गया।
धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस, रेस्क्यू 1122 और एंबुलेंस सेवाएं मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को तेजी से पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS), पॉलीक्लिनिक अस्पताल और CDA अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए इन सभी अस्पतालों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। अस्पताल प्रशासन ने ऑर्थोपेडिक, बर्न यूनिट, न्यूरोलॉजी और ट्रॉमा वार्ड को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
इस हमले ने इसलिए भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इसी समय उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद में मौजूद हैं। ऐसे में यह धमाका केवल एक आतंकी हमला नहीं बल्कि पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राजधानी में पहले से ही वीआईपी मूवमेंट के चलते सुरक्षा कड़ी थी, फिर भी नमाज़ के दौरान इतनी बड़ी वारदात हो जाना सुरक्षा तंत्र की कमजोरी को उजागर करता है।
इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने मीडिया को बताया कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह आत्मघाती हमला था या पहले से लगाया गया विस्फोटक। फोरेंसिक टीमें घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में इसे आत्मघाती हमला बताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
फिलहाल किसी भी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को सांप्रदायिक तनाव से जोड़कर भी देख रही हैं क्योंकि धमाका शिया इमामबाड़े में हुआ है। पाकिस्तान में पहले भी धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर हमले होते रहे हैं, जिससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि यह हमला सुनियोजित हो सकता है।
घटना के बाद पूरे इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और सरकारी इमारतों के बाहर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। शहर के कई इलाकों में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
















