जनता दल यूनाइटेड के नेता शनिवार को दिन भर बैठकों में व्यस्त रहे। राज्य कार्यकारिणी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जो भी हुआ, उससे जदयू नेता पूरी तरह चार्ज दिखे। बैठकों में जदयू नेतृत्व द्वारा बताया कि भाजपा की कारस्तानियों से वे आहत हैं। 2020 के चुनाव में भाजपा की साजिश के कारण सीटें कम आई हैं। इसलिए नए गठबंधन में प्रवेश किया गया। दोनों कार्यकारिणी की बैठकों में जदयू के नेताओं ने इन फैसलों को तहे दिल से अपनाया। यही नहीं बैठक से जब निकले तो भाजपा के खिलाफ पूरी तरह चार्ज दिखे।
भाजपा को सत्ता से हटाना ही मकसद : जमा खान
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक खत्म होने के बाद JDU कोटे से मंत्री जमा खान ने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि 2024 में कैसे भाजपा को सत्ता से हटाया जाए। साथ ही एक मजबूत विपक्ष बनाया जाए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि हमें देश को बचाना होगा तो नीतीश कुमार को लाना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को सिर्फ कुर्सी से मतलब है। जनता का जो पैसा है जनता को ना देकर विधायकों को खरीदने और तोड़ने का काम कर रही है। आने वाले समय में जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
50 सीट पर भाजपा को लाना है : श्रवण कुमार
2024 में भाजपा की सीटों को कम करने के लिए जदयू नेताओं ने कमर कस ली है। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि हमारा लक्ष्य 2024 में भाजपा को गद्दी से उतारना है। साथ ही महागठबंधन की सरकार बनाना है। भाजपा को 50 सीट पर लाकर खड़ा कर देना है। उन्होंने कहा कि हमारे जो विधायक भाजपा ले गई है, उन्हें मुबारक हो। हमारी पार्टी MP और MLA बनाती रहती है। हमारी पार्टी हमेशा निर्माण का काम करती है, जितने वह ले गए हैं उससे ज्यादा आने वाले चुनाव में हमारे पास होंगे।
BJP को समेटना हमारा मकसद : अशोक चौधरी
भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि नीतीश कुमार को पूरे देश में विपक्षी पार्टियों को एकत्रित करने के लिए अधिकृत किया गया है। साथ 2024 की लड़ाई को ताकत देने का भी आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि संख्या महत्वपूर्ण नहीं है। भाजपा को समेटना हम सभी का मकसद है।




















