बिहार में जातीय जनगणना कराने के फैसले के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ चुकी है। जहां एक तरफ भाजपा जातीय जनगणना पर साथ देने के साथ कुछ आशंकाएं भी जताई है। वहीं दूसरी तरफ सोशल मिडिया पर कुछ लोग इसका विरोध करने में लगे है। इसी बीच जदयू के प्रदेश प्रवक्ता प्रगति मेहता (Pragati Mehta) ने कहा की जातिगत गणना का होना किसी के खिलाफ नहीं है बल्कि यह सभी राजनीतिक दलों की सहमति से हुआ फैसला है। साथ ही उन्होंने कहा की कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ लोग जातीय जनगणना के फैसले के खिलाफ मुहिम चलाते हुए इसे विकास विरोधी कार्य बताना शुरू कर दिया है। वहीं जातिगत गणना के साथ ही बिहार सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण कराने का फैसला किया है। जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति पता चल सकेंगी।
जनता से मांगा समर्थन
वहीं जदयू प्रवक्ता प्रगति मेहता ने सीएम नीतीश कुमार शुरू से नीति और सिद्धांत पर चलते आए है। उन्होंने हमेशा जनता के हित में काम किया है। उन्होंने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर मेन फोकस रहा है। साथ ही मानव विकास के लिए सभी योजनाएं भी चलाई है। वहीं उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तरफ से देशभर में जातीय जनगणना होती तो पूरे देश में जनता को बहुत फायदा होता। फिलहाल राज्य सरकार अपने स्तर से ही जातिगत गणना कराने का फैसला कर चुकी है। जिससे सभी को फायदा होगा और सरकार को सभी जातियों के बारे में सही से पता चल सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी है जिससे समाज में जातीय जनगणना को लेकर गलत बाते फैला रहे हैं जबकि सच्चाई इससे पूरी विपरीत है। इसलिए लोग अफवाहों से बचें और जातीय जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण में पूर्ण सहयोग दें।




















