[Team Insider] झारखंड में वारदातों के मामले में अपराधियों ने पुलिस को चुनौती दी है। जिस कारण हत्या के मामले में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में हर वर्ष लगभग 1500 से 1600 के बीच हत्या की घटनाएं सामने आई है। पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 की सिर्फ बात करें तो लगभग 1600 से ज्यादा आपसी दुश्मनी, दहेज, जमीन विवाद को लेकर लोगों की हत्या कर दी गई है ।
क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने अकड़ा
झारखंड पुलिस आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2017 में 1512, 2018 में 1624, 2019 में 1557, 2020 में 1541, लोगों की हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। 2020 की क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने अकड़ा जारी किया है। इसमें झारखंड में सबसे अधिक 269 लोगों की हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हुई है। वहीं दहेज के कारण 274, संपत्ति जमीन विवाद में 152 लोगों की हत्या हुई है। वही परिवारिक विवाद में 77 लोगों की, और प्रेम प्रसंग के मामले में 62, पैसे के लेनदेन विवाद में 51 , डायन हत्या में 43 और अवैध संबंध में 36 लोगों की हत्या हुई है।
मोब लिंचिंग के शिकार रुपेश पाण्डेय कि हत्या
वही ताज़ा मामलो की बात करे तो हाल में ही राज्य में मोब लिंचिंग का शिकार हुए हजारीबाग के रुपेश पाण्डेय जिसकी हत्या कर दी गई । वही अगर आंकड़ों पर गौर करें तो नक्सल और अपराधी गैंग की ओर से की गई हत्या से ऐसे मामलों की संख्या काफी अधिक है।