झारखंड की राजनीति में एक बार फिर शब्दों की तल्खी ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए कथित तौर पर ‘इडियट’ शब्द के इस्तेमाल ने न सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी की मर्यादा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक के लिए एक नए राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि भी तैयार कर दी है।

दुमका में निकाय चुनाव प्रचार के दौरान मीडिया से बातचीत में दिए गए इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की घोषणा करते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाषा न केवल एक राष्ट्रीय नेता के खिलाफ है, बल्कि झारखंड की गरिमा और राजनीतिक संस्कृति के भी प्रतिकूल है।
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इरफान अंसारी ने कहा कि वह सदन में निंदा प्रस्ताव लाने का अनुरोध करेंगे और इस मुद्दे को लोकतांत्रिक ढंग से उठाएंगे। उनका दावा है कि ऐसी बयानबाज़ी से झारखंड की छवि धूमिल होती है। उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव में सीधे मुकाबले की चुनौती देते हुए कहा कि वे निशिकांत दुबे को हराकर संसद से बाहर करने का संकल्प लेते हैं।






















