Saranda Naxal Encounter: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले का सारंडा जंगल एक बार फिर देश की सुरक्षा नीति का केंद्र बन गया है। घने जंगल, दुर्गम पहाड़ और वर्षों से नक्सलियों का अभेद्य गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में सुरक्षाबलों ने ऐसा प्रहार किया है, जिसने माओवादी संगठन को गहरे जख्म दे दिए हैं। 36 घंटे तक चले भीषण जॉइंट ऑपरेशन में अब तक 21 नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें संगठन का सबसे खूंखार और रणनीतिक दिमाग माना जाने वाला पतिराम मांझी उर्फ अनल दा भी शामिल है।
गुरुवार को 15 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि के बाद शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान छह और शव बरामद किए गए। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि सुरक्षाबलों ने न केवल एक बड़ी नक्सली टुकड़ी को घेरकर खत्म किया, बल्कि माओवादी मिलिट्री नेटवर्क की कमर भी तोड़ दी है। यह ऑपरेशन झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के साझा प्रयास का नतीजा है, जिसमें आधुनिक रणनीति, सटीक खुफिया सूचना और जमीनी तैयारी का प्रभाव साफ दिखाई दिया।
सूत्रों के मुताबिक, नक्सली कमांडर अनल दा करीब 25 हथियारबंद साथियों के साथ सारंडा के कोल्हान क्षेत्र में छिपा हुआ था। जैसे ही सुरक्षाबलों को उसकी मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली, पूरे इलाके को घेर लिया गया। नक्सलियों की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग के बाद जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की। जंगल में गोलियों की गूंज और धमाकों के बीच यह मुठभेड़ लगातार 36 घंटे तक चलती रही।
अनल दा का मारा जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह माओवादी संगठन के मिलिट्री कमीशन का प्रमुख था। झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों पर हुए कई बड़े हमलों की साजिश में उसका नाम सबसे ऊपर रहा है। उस पर झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये, ओडिशा सरकार की ओर से 1.2 करोड़ रुपये और एनआईए की ओर से 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कुल मिलाकर उसके सिर पर 2.35 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था।
इस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में 25 लाख का इनामी सैक कमांडर अनमोल उर्फ सुशांत भी शामिल है, जिस पर ओडिशा में अलग से 65 लाख रुपये का इनाम था। सुरक्षाबलों ने अब तक एक दर्जन से अधिक नक्सलियों की पहचान कर ली है, जबकि बाकी की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। मृतकों में कई महिला नक्सलियों का शामिल होना इस बात का संकेत है कि माओवादी संगठन ने पूरे इलाके में अपनी अंतिम ताकत झोंक दी थी।
आईजी अभियान माइकल राज एस के अनुसार, चाईबासा के किरीबुरु क्षेत्र में कुमड़ी और होंजोदिरी गांव के बीच गुरुवार सुबह करीब छह बजे मुठभेड़ की शुरुआत हुई थी। इसके बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी नक्सली के बच निकलने की संभावना न रहे।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह ऑपरेशन कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में माओवादियों के लिए सबसे बड़ा झटका है। अनल दा जैसे शीर्ष नेता के मारे जाने से न केवल संगठन की सैन्य क्षमता कमजोर हुई है, बल्कि स्थानीय नेटवर्क और फंडिंग चैनल पर भी गहरा असर पड़ेगा।

















