[Team Insider] चर्चा और विवादों में रहने वाले कांग्रेस नेता और हेमन्त सोरेन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के बार फिर चर्चा में हैं। इस बार चर्चा अपनी कविता पाठ को लेकर हैं। जिसमें उन्होंने चोरों को नेता और डकैतों में एमएलए बता दिया है। अपनी कविता में उन्होंने गाड़ी ऑनर और एजेंट की भी चर्चा की है।
खुद ऑटो चलाकर विधानसभा पहुंचे
पिछले साल सितंबर महीने की ही बात है, वे खुद ऑटो चलाकर विधानसभा पहुंच गये थे। दरअसल विधानसभा के मॉनसून सत्र में नोकझोंक के बीच भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने बन्ना गुप्ता को ऑटो एजेंट कह दिया था। बस बन्ना गुप्ता की पीड़ा छलक गई। कहा एक गरीब का बेटा विधायक और मंत्री बन गया। तो सामंती सोच वालों को पच नहीं रहा। बहरहाल बन्ना गुप्ता का ताजा मामला एक दिन पहले जमशेदपुर के कदमा में बन्ना गुप्ता फैंस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह सह कवि सम्मेलन में उनके कविता पढ़ने को लेकर है। कविता खुद उनकी बताई जा रही है। कार्यक्रम का खुद उद्घाटन करने के बाद उन्होंने सस्वर कविता पाठ किया। इसमें भोजपुरी का भी पुट है।
यह है कविता
‘चोर सभी वो नेता बन गये, डकैत बने एमएलए,
बीए-एमए पास पास किया वो रोटी घर में बेले,
बाप कहे बेटा से बेटा गाओ फिल्मी गाना, बात बात में पत्नी अपने पति को मारे ताना,
विद्यार्थी पिस्तौल दिखाकर शिक्षक को धमकाये, देखो भैया आज आदमी कितना बदला जाये,
काम करे नीचे से नीचा जरको ना शरमाये देखो भैया आज आदमी कितना बदला जाये,
अनपढ़ बन गये गाड़ी ऑनर पढ़े लिखे आवारा,
रोजी रोटी कुछ न मिला तो एजेंट बना बेचारा,,
बात दरोगा की मत पूछो सब को डर लगता है….।
गठबंधन कांग्रेस की सेहत के लिए ठीक नहीं
यह कविता उनका होली गायन वाला अंदाज है या कुछ और संदेश देना चाहते हैं। यह तो खुद बन्ना गुप्ता बता सकते हैं। वैसे इन दिनों उनका तेवर कुछ आक्रामक है। तो पार्टी के लोगों का आक्रमण भी झेल रहे हैं। गिरिडीह के पारसनाथ में कांग्रेस के चिंतन शिविर में पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी में उन्होंने हेमन्त सोरेन और उनकी पार्टी झामुमो को निशाने पर लिया। कह दिया कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन कांग्रेस के जनाधार को झामुमो का जनाधार बना रहे हैं, सेंध लगा रहे हैं, शिफ्ट कर रहे हैं।गठबंधन कांग्रेस की सेहत के लिए ठीक नहीं।
बन्ना गुप्ता का तेवर सरकार के प्रति आक्रामक
उनके इस बयान पर कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने ही उन्हें आड़े हाथों लिया कि मंत्री बने हैं तो परफार्म कर के दिखाईए। चिंतन शिविर के बाद, अभी एक दिन पहले ही दुमका में कांग्रेस के प्रमंडलीय संवाद कार्यक्रम में भी बन्ना गुप्ता का तेवर सरकार के प्रति आक्रामक रहा। तो संवादहीनता को लेकर बन्ना गुप्ता को छोटे-बड़े पार्टी कार्यकर्ताओं की आलोचना का शिकार होना पड़ा। अब लोग उनके होली गीत का निहितार्थ ढूंढ रहे हैं।