बिहार की राजनीति में एक बार फिर चुनावी निष्पक्षता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के कथित बयान वाले वायरल वीडियो (Jitan Ram Manjhi Viral Video) ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। इस पूरे विवाद पर जहानाबाद से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक राहुल कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी बताया है। राहुल कुमार का कहना है कि यह मामला केवल एक नेता के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चुनाव आयोग की भूमिका, चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और जनता के भरोसे से सीधे जुड़ा हुआ है।
राहुल कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर जीतन राम मांझी के बयान में सच्चाई है और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने जैसी कोई ‘सेटिंग’ हुई है, तो चुनाव आयोग को बिना देरी किए स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि यह बयान तथ्यहीन या भ्रामक है, तो चुनाव आयोग को कड़ी कार्रवाई करते हुए मांझी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए, क्योंकि ऐसे दावे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सीधा प्रहार करते हैं।
इस विवाद का दूसरा अहम पहलू वीडियो को लेकर सामने आया है। मांझी की ओर से इसे ‘एआई एडिटेड वीडियो’ बताए जाने पर राहुल कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल सच को छिपाने और भ्रम फैलाने के लिए भी किया जा सकता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच हो और यह साफ किया जाए कि क्या वास्तव में इसमें तकनीकी छेड़छाड़ हुई है या फिर यह केवल राजनीतिक दबाव से बचने का तरीका है। राहुल कुमार ने चुनाव आयोग से इस पूरे प्रकरण पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है, ताकि जनता के सामने पूरी सच्चाई आ सके और किसी भी तरह की अटकलों पर विराम लगे।
निशांत की एंट्री से बदलेगा सियासी नैरेटिव? मंत्री सुरेंद्र मेहता का बड़ा दावा-बिहार में NDA अडिग
राजद विधायक ने मांझी और उनके परिवार की राजनीतिक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि जीतन राम मांझी केंद्र सरकार में मंत्री हैं, जबकि उनके बेटे बिहार सरकार में मंत्री पद पर आसीन हैं। ऐसे प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों से जुड़े विवाद सामान्य नहीं माने जा सकते। राहुल कुमार के अनुसार, चाहे बात 2020 के विधानसभा चुनाव की हो या मौजूदा राजनीतिक हालात की, हर पहलू की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच लोकतंत्र के हित में जरूरी है।
चुनावी गणित पर बात करते हुए राहुल कुमार ने कहा कि जब चुनावी आंकड़ों को जोड़ा जाता है, तो कई जगह संदेह की स्थिति बनती है। उन्होंने स्वीकार किया कि जनता के समर्थन से वे चुनाव जीतने में सफल रहे, लेकिन जिस तरह की कड़ी टक्कर देखने को मिली, उसने कई सवाल खड़े किए। अब मांझी का वायरल बयान उन पुरानी आशंकाओं को और मजबूती देता नजर आ रहा है। उनके मुताबिक, यह मुद्दा किसी एक सीट या पार्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे चुनावी सिस्टम की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे मगही भाषा में 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कथित तौर पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की बात करते सुनाई दिए। वीडियो में दावा किया गया कि टिकारी सीट से उनके उम्मीदवार अनिल कुमार करीब 2700 वोटों से पीछे थे और ‘उपाय’ करने के बाद वे चुनाव जीत गए। इसी बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है।






















