सासाराम में करुप पंचायत के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष और लोजपा (रामविलास) पार्टी के रोहतास जिला अध्यक्ष कमलेश राय (Kamlesh Rai Arrest) को शुक्रवार को पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब पीड़िता का बयान दर्ज कराने के बाद उसके मेडिकल परीक्षण में मामला संवेदनशील और कानूनी रूप से महत्वपूर्ण पाया गया। मामले ने जिले के राजनीतिक हालात को गर्मा दिया है और स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी के राजनीतिक निहितार्थों पर चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शुरुआत में इसे सिर्फ गुमशुदगी के मामले के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन लड़की के मिलने के बाद परिस्थितियाँ बदल गईं। एसडीपीओ सासाराम-2 कुमार वैभव ने पुष्टि की कि लड़की की जांच रिपोर्ट और बयान पर्याप्त आधार प्रदान करते हैं, जिसके चलते पॉक्सो एक्ट के तहत कठोर धाराओं में कार्रवाई हुई। अधिकारी के अनुसार, लड़की की मां ने 11 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी 5 नवंबर को कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने लगातार तलाश की, पर कोई सुराग नहीं मिला और इसके बाद मामला संदिग्ध माना जाने लगा।
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शिकायतकर्ता ने एफआईआर में आरोप लगाया कि आरोपी कमलेश राय ने पहले भी 11 सितंबर को नाबालिग को बहला-फुसलाकर तीन दिनों तक सासाराम में रखा था। लड़की के घर लौटने पर उसने बताया कि वह आरोपी के कहने पर उसके साथ गई थी। इसके साथ ही लड़की के मोबाइल फोन से एक सिम कार्ड बरामद हुआ जो आरोपी के नाम पर पंजीकृत था, जिससे आरोपों की गंभीरता और बढ़ गई। एफआईआर में अवैध यौन संबंध बनाने के प्रयास और आर्थिक शोषण जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
मजिस्ट्रेट के सामने लड़की का बयान दर्ज होने और शुक्रवार को मेडिकल जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कमलेश राय को उनके पैतृक गांव भैंसही कला से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि आरोपी लोजपा (रामविलास) के जिला अध्यक्ष पद पर आसीन हैं। यह मामला पार्टी की छवि पर सीधे प्रभाव डाल सकता है और आने वाले दिनों में विपक्षी दल इस घटना को बड़ा मुद्दा बना सकते हैं।
एसडीपीओ वैभव के अनुसार जांच जारी है और सबूतों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस गिरफ्तारी पर पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि राजनीति और सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ा है, जिसके कारण यह मुद्दा अब प्रदेश स्तर पर सुर्खियों का केंद्र बन गया है।






















