बिहार की राजनीति और सामाजिक न्याय की परंपरा के प्रतीक रहे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती (Karpuri Thakur Jayanti) आज पटना स्थित बिहार विधान मंडल सभागार में पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद किया।
समारोह में मौजूद नेताओं के वक्तव्यों से साफ झलक रहा था कि कर्पूरी ठाकुर केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की ऐसी सोच थे जिसने बिहार की राजनीति को नई दिशा दी। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि कर्पूरी ठाकुर उन नेताओं में थे जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े और दूरगामी फैसले लेने का साहस रखते थे। उन्होंने बिना नाम लिए राजद पर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ दिखावे के लिए उनके अनुयायी बनने से कुछ नहीं होगा, बल्कि उनकी सोच और आदर्शों के अनुरूप समाज के लिए काम करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर राज्य सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने उन्हें ‘जननायक’ बताते हुए कहा कि वे एक गरीब परिवार से आए थे, जिनके घर में कभी बिजली तक नहीं थी, लेकिन उन्होंने ऐसे असंख्य घरों में रोशनी पहुंचाने का सपना देखा और उसे साकार करने की दिशा में काम किया। श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आज बिहार में जो सामाजिक और विकासात्मक बदलाव दिख रहा है, वह कर्पूरी ठाकुर के सपनों की ही परिणति है।
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मंत्री राम कृपाल यादव ने भावुक शब्दों में कहा कि उन्हें कर्पूरी ठाकुर के सानिध्य में काम करने का अवसर मिला, जिसे वे अपने जीवन का सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आज की पीढ़ी उनकी जयंती पर उनके थोड़े से गुणों को भी आत्मसात कर ले, तो यही उनके प्रति सच्चा सम्मान होगा। राम कृपाल यादव ने यह भी कहा कि कर्पूरी ठाकुर जैसे जननायक अब मिलना कठिन है, क्योंकि उन्होंने ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और संघर्ष को राजनीति का मूल मंत्र बनाया।
बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कर्पूरी ठाकुर को आज के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों और पिछड़े वर्गों के लिए जो काम किया, वह आज भी प्रासंगिक है। उनके द्वारा स्थापित राजनीतिक मिसाल युवाओं को यह सिखाती है कि सत्ता का उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए होना चाहिए।
पूर्व मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक न्याय का प्रणेता बताते हुए कहा कि पार्टी हर वर्ष उनकी जयंती पर उनके योगदान को याद करती है। इसी परंपरा के तहत आज बिहार के सभी जिलों में उनकी जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है।






















