Khesari Lal Yadav: पटना पहुंचते ही भोजपुरी अभिनेता और छपरा से राजद के टिकट पर चुनाव लड़े प्रत्याशी खेसारी लाल यादव सीधे सियासी बहस के केंद्र में आ गए। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में खेसारी लाल यादव ने न सिर्फ अपनी चुनावी हार पर खुलकर बात की, बल्कि बिहार की राजनीति, चुनावी व्यवस्था और जनता की भूमिका पर भी बड़ा और विवादास्पद बयान दे दिया। खेसारी ने साफ कहा कि राजनीति अब सच की नहीं रही और जो सच बोलेगा, उसके लिए नेता नगरी में आगे बढ़ना बेहद मुश्किल है।
खेसारी लाल यादव ने हार के कारणों पर पूछे गए सवाल को टालते हुए कहा कि इसके जवाब से पूरा बिहार वाकिफ है। उनके मुताबिक चुनावी नतीजे किसी एक पार्टी, आरजेडी, बीजेपी या जेडीयू की वजह से नहीं आए, बल्कि यह पूरे सिस्टम और सोच का नतीजा है। उन्होंने कहा कि वह खुद को एक कलाकार के तौर पर ज्यादा सहज महसूस करते हैं, क्योंकि राजनीति में ईमानदारी और सच्चाई के लिए जगह लगातार सिमटती जा रही है। उनके शब्दों में, झूठे वादे करना और जनता को भ्रमित करना ही आज की राजनीति की सबसे बड़ी योग्यता बन गई है।
खेसारी ने जनता की भूमिका पर भी तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर बिहार की जनता को सच में बदलाव चाहिए होता, तो चुनावी नतीजे कुछ और होते। उनके मुताबिक बेहतर बिहार की जिम्मेदारी सिर्फ नेताओं पर नहीं डाली जा सकती, जनता को भी अपने बच्चों के भविष्य के लिए सही विकल्प चुनने होंगे। अगर लोग मौजूदा व्यवस्था से संतुष्ट हैं, तो फिर किसी नेता को दोष देना सही नहीं है।
इसी दौरान खेसारी लाल यादव ने लैंड फॉर जॉब मामले पर भी अपनी राय रखी, जिसमें लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। उन्होंने लालू यादव के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार के दबे-कुचले वर्ग को आवाज दी और लोगों को खुलकर बोलने का हक दिलाया। खेसारी ने आरोपों को सत्ता के दुरुपयोग से जोड़ते हुए कहा कि जब सरकार आपके पास नहीं होती, तो वैध चीजें भी अवैध बना दी जाती हैं और ताकतवर लोग किसी पर भी आरोप लगा सकते हैं।
नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग पर खेसारी ने संतुलित प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर उन्हें यह सम्मान मिलता है तो यह गर्व की बात होगी। उन्होंने इसे पार्टी की मांग बताया और कहा कि किसी भी नेता को सम्मान मिलना अच्छी बात है।
भोजपुरी सिनेमा और राजनीति के टकराव पर भी खेसारी लाल यादव खुलकर बोले। बीजेपी सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ के उस बयान पर कि खेसारी बीजेपी के लायक नहीं हैं, उन्होंने कहा कि लोग अधूरी बातें सुनकर राय बना लेते हैं। खेसारी ने यह भी साफ कर दिया कि उन्हें राजनीति से जुड़े कई ऑफर मिले होंगे, लेकिन फिलहाल वह किसी भी पार्टी में शामिल होने के मूड में नहीं हैं। उनके अनुसार राजनीति में वही लोग आगे बढ़ते हैं जो झूठे वादों के साथ चलना जानते हैं।
मुंबई जाने को लेकर उठे सवालों पर खेसारी ने भावुक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में फिल्म सिटी और रोजगार के अवसर नहीं हैं, उनका काम मुंबई में है और परिवार भी वहीं रहता है। उन्होंने साफ कहा कि अगर बिहार में काम मिलता, फिल्में मिलतीं, तो वह यहीं रहते। कमाने के बाद ही वह छपरा और बिहार के लोगों की मदद कर सकते हैं।






















