किशनगंज जिले में प्रस्तावित आर्मी कैंप (Kishanganj Army Camp) को लेकर सियासत और सामाजिक सरोकार आमने-सामने आ गए हैं। बहादुरगंज विधानसभा से AIMIM विधायक तौफीक आलम ने सकोर क्षेत्र में चिन्हित की गई जमीन पर सेना कैंप के निर्माण का विरोध जताते हुए इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर विधायक ने जिलाधिकारी किशनगंज से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें जिले से जुड़े कई अहम सवाल उठाए गए।
विधायक तौफीक आलम का तर्क है कि जिस भूमि को आर्मी कैंप के लिए चुना गया है, वह पूरी तरह उपजाऊ कृषि भूमि है। इस जमीन पर फिलहाल बड़े पैमाने पर खेती होती है और सैकड़ों किसान इसी पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि यदि यह भूमि अधिग्रहित होती है तो सीधे तौर पर किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब किसान ही भूखे रहने को मजबूर होंगे तो देश की सुरक्षा की अवधारणा कैसे मजबूत होगी।
तौफीक आलम ने साफ शब्दों में यह स्पष्ट किया कि उनका विरोध सेना या राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस प्रक्रिया के खिलाफ है जिसमें विकास और सुरक्षा के नाम पर किसानों को विस्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी अन्नदाताओं की सुरक्षा भी है। दोनों के बीच संतुलन बनाना प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है।
विधायक के अनुसार कोचाधामन और बहादुरगंज अंचल की सीमा पर प्रस्तावित इस सेना कैंप को लेकर स्थानीय स्तर पर जबरदस्त नाराजगी है। सतभीट्टा, सकोर और नटुआ पाड़ा मौजा के किसानों ने पहले ही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ आवेदन देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि करीब 200 एकड़ जमीन अधिग्रहण की योजना है, जो इस क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। इतनी बड़ी मात्रा में उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण से न केवल किसानों की आय खत्म होगी, बल्कि क्षेत्र में भुखमरी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
आर्मी कैंप के मुद्दे के साथ-साथ विधायक तौफीक आलम ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का मामला भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि पाट्कोई क्षेत्र में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि यदि यह मेडिकल कॉलेज बनता है तो बहादुरगंज, ठाकुरगंज, कोचाधामन सहित आसपास के बड़े इलाके की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। यह परियोजना न सिर्फ इलाज की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।
विधायक ने अंत में कहा कि वे किसानों और आम जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इन दोनों अहम मुद्दों, यानी आर्मी कैंप के लिए भूमि चयन और मेडिकल कॉलेज निर्माण, पर गंभीरता से विचार करेगा और ऐसा समाधान निकालेगा जिससे सुरक्षा, विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन कायम रह सके।






















