किशनगंज जिले (Kishanganj Bribery) में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर करारी चोट की। जमीन म्यूटेशन के बदले 2 लाख 50 हजार रुपए की अवैध मांग कर रहे राजस्व कर्मचारी राजदीप पासवान को निगरानी टीम ने घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई खगड़ा के रहने वाले ओवेस अंसारी की लिखित शिकायत के आधार पर की गई, जिन्होंने आरोप लगाया था कि जमीन परिमार्जन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कर्मचारी लगातार भारी रकम की मांग कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गुप्त जांच शुरू की, जिसमें रिश्वत मांगने का आरोप प्रमाणित पाया गया। इसके बाद सात सदस्यीय टीम ने ट्रैप प्लान तैयार किया और तय लोकेशन पर जैसे ही राजदीप पासवान ने पैसों की गड्डी हाथ में ली, अधिकारी पहले से मौजूद टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन टीम ने तत्काल उसे काबू में कर नकद राशि बरामद कर ली।
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कार्रवाई के नेतृत्व कर रहे डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मिली शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में निगरानी विभाग लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही प्रखंड कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी दफ्तर से बाहर निकल कर चर्चा करते देखे गए।
गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी को बुधवार को भागलपुर जिला न्यायिक कोर्ट में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह घटना दोबारा साबित करती है कि प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है।






















