बिहार में धर्म और सामाजिक सेवा को एक नई दिशा देने वाले बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव रहे किशोर कुणाल (Kishor Kunal) की पहली पुण्यतिथि पर राजधानी में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सत्ता और विपक्ष से जुड़े प्रमुख नेताओं ने उनके विचारों, कार्यों और समाज पर पड़े गहरे प्रभाव को याद किया। कार्यक्रम सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उस विचारधारा का पुनः स्मरण भी बना, जिसने धर्म को कर्म और सेवा से जोड़ने का रास्ता दिखाया।
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि किशोर कुणाल ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने धर्म को कर्मकांड की सीमाओं से निकालकर सेवा के व्यापक मंच पर स्थापित किया। उनके अनुसार, कुणाल उन कार्यों को संभव बनाते थे जिन्हें आम लोग असंभव मान लेते थे। उन्होंने बड़ी सोच के साथ समाज के लिए काम किया और आज उनकी पुण्यतिथि पर यह संकल्प लेना जरूरी है कि उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि ऐसे व्यक्तित्व विरले होते हैं, जो अपने जीवन को पूरी तरह समाज के नाम कर देते हैं।
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वहीं बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने श्रद्धांजलि सभा को सामाजिक चेतना से जोड़ते हुए कहा कि किशोर कुणाल का व्यक्तित्व विराट था और उनका स्मरण समाज में हमेशा जीवित रहना चाहिए। उन्होंने धार्मिकता, आध्यात्मिकता और परोपकार की जो मिसाल कायम की, वह आने वाले दशकों तक समाज को प्रेरणा देती रहेगी। विजय चौधरी के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक भावनाएं मजबूत होती हैं और सामाजिकता की जड़ें और गहरी होती हैं।
इस अवसर पर LJP (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने किशोर कुणाल को केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संपूर्ण विचारधारा बताया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन जनसेवा और मानव सेवा को समर्पित था और उनके संस्कार आज भी लोगों के मार्गदर्शक हैं। शांभवी चौधरी ने यह भी कहा कि उनकी स्मृति और उनके विचार हमेशा समाज के साथ रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते रहेंगे।






















