लखीसराय (Lakhisarai Land Dispute) के टाउन हॉल में उस वक्त अलग ही माहौल दिखा, जब जमीन से जुड़ी वर्षों पुरानी परेशानियों को लेकर सैकड़ों लोग बड़ी उम्मीदों के साथ पहुंचे. मौका था ‘नई सरकार, नई पहल’ के तहत आयोजित विशेष कार्यक्रम का, जिसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन विवादों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित किया. यह सिर्फ एक औपचारिक सरकारी आयोजन नहीं था, बल्कि आम लोगों और शासन-प्रशासन के बीच सीधा संवाद बन गया, जहां शिकायतें फाइलों में दबने के बजाय सीधे सत्ता के शीर्ष तक पहुंचीं.
कार्यक्रम की शुरुआत उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की, जो स्वयं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री भी हैं. उनके साथ विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल और जिलाधिकारी मिथलेश मिश्र मौजूद रहे. मंच से लेकर हॉल के कोनों तक एक ही चर्चा थी कि क्या इस बार जमीन के झगड़ों का सच में अंत होगा. लोग कब्जा विवाद, दाखिल-खारिज की गड़बड़ियां, दस्तावेजों की त्रुटियां और वर्षों से लंबित मामलों की फाइलें लेकर पहुंचे थे. हर चेहरे पर चिंता भी थी और उम्मीद भी कि शायद आज उनकी बात सुनी जाएगी.
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कार्यक्रम की खास बात यह रही कि शिकायतों को औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा गया. पहले सभी समस्याओं को लिखित रूप में दर्ज किया गया और उसके बाद उपमुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी की बात सुनी. यह दृश्य अपने आप में प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव का संकेत दे रहा था. डिप्टी सीएम ने स्पष्ट कहा कि जमीन से जुड़ी समस्याएं लोगों के जीवन और सम्मान से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने मौके पर ही अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिकतम 15 दिनों के भीतर सभी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त रुख उस समय और स्पष्ट हो गया, जब उन्होंने भू-माफियाओं और बिचौलियों के खिलाफ खुली चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि जमीन के नाम पर शोषण करने वालों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी. जरूरत पड़ी तो अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा. यह बयान केवल शब्दों तक सीमित नहीं लगा, बल्कि प्रशासनिक अमले के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि अब ढिलाई नहीं चलेगी. इस घोषणा से हॉल में मौजूद लोगों के बीच भरोसे की लहर दौड़ गई, क्योंकि अक्सर ऐसे तत्वों पर कार्रवाई की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं.
प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने भी मंच से विभाग की मंशा को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अब पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रहा है. ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सीधे जनता से संवाद स्थापित कर वास्तविक समस्याओं को समझा जा रहा है, ताकि समाधान में देरी न हो. जिलाधिकारी मिथलेश मिश्र ने भी आश्वस्त किया कि जिला स्तर पर सभी मामलों की निगरानी की जाएगी और तय समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.




















