बिहार में लागू हुए नए आरक्षण कानून को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि नया आरक्षण कानून से मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। इसको लेकर बिहार में राजनीति भी शुरू हो गई है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने इसे भाजपा की साजिश बताया है। साथ ही उन्होंने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आरोप को लेकर भी जवाब दिया। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने EWS आरक्षण को ही कानून का उल्लंघन करने वाला बताया है।
“भाजपा ने सवर्णों को आरक्षण देकर नियम तोड़ा”
नए आरक्षण को कोर्ट में चुनौती दिए जाने को लेकर ललन सिंह भाजपा पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही आरक्षण विरोधी है। उसको आरक्षण पसंद नहीं हैं। बिहार में जो जातीय गणना करवाया गया उसके आधार पर जो रिपोर्ट आया तो उसी के अनुसार आरक्षण तय किया गया। सबसे पहले तो उन्होंने ही कानून तोड़ा जब 50% से अधिक 10% सवर्ण का आरक्षण देकर इस नियम को तोडा था। आरक्षण के खिलाफ न्यायलय जाना भाजपा का पुराना काम है। लेकिन हर बार उन्हें मुंह की ही खानी पड़ती है।




















