दिल्ली के एम्स में इलाज करा रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर भाजपा और संघ परिवार पर करारा हमला बोला है। “अगर संसद में होता तो अकेला ही काफी था,” यह बयान देते हुए लालू यादव ने सोशल मीडिया पर बीजेपी पर तीखा पलटवार किया।
बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित हो गया, लेकिन यह मामला सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहा। सड़कों से सोशल मीडिया तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है। इस बीच, लालू यादव ने एक्स पर BJP को घेरते हुए कहा कि यह बिल अल्पसंख्यकों, गरीबों और संविधान पर सीधा हमला है।
लालू का बीजेपी पर हमला – “तुम मुसलमानों की जमीन हड़पना चाहते हो!”
लालू यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि “संघी-भाजपाई नादानों, तुम मुसलमानों की जमीनें हड़पना चाहते हो। लेकिन हमने हमेशा वक्फ की जमीनों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाए और बनवाने में मदद की।”
उन्होंने कहा कि हालांकि वे इस कठिन दौर में संसद में नहीं हैं, लेकिन जनता के विचारों और चिंताओं में वे आज भी जीवित हैं। लालू ने यह भी दावा किया कि उनकी विचारधारा, नीति और सिद्धांत ही उनकी असली पूंजी हैं, और वे इससे कभी नहीं डिगेंगे।
अमित शाह ने किया था लालू के पुराने बयान का जिक्र
दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में लालू यादव के 2013 के बयान को याद दिलाया था। अमित शाह ने कहा कि “लालू यादव खुद वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कानून लाने की मांग कर चुके हैं और अब प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी उस इच्छा को पूरा कर दिया है।”
तेजस्वी ने भी नीतीश कुमार को घेरा – “JDU पूरी तरह BJP बन गई!”
वक्फ बिल पर तेजस्वी यादव भी खुलकर सामने आए और नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि “JDU अब पूरी तरह बीजेपी बन चुकी है। जो पार्टियां खुद को सेक्युलर कहती थीं, वे अब बेनकाब हो चुकी हैं।” तेजस्वी का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि बिहार में जेडीयू और बीजेपी का गठबंधन है और जेडीयू ने भी इस बिल का समर्थन किया। इससे जेडीयू के कई मुस्लिम नेता असहज हो गए हैं, और पार्टी में घमासान तेज हो सकता है।
लालू अभी एम्स में भर्ती, लेकिन सियासत में एक्टिव
गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव दिल्ली एम्स में भर्ती हैं, जहां उनकी पीठ और हाथ की सर्जरी हुई है। हालांकि उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है, लेकिन इससे उनकी राजनीतिक सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है।
बिहार की राजनीति में वक्फ संशोधन बिल एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। बीजेपी और जेडीयू जहां इस बिल के समर्थन में खड़ी हैं, वहीं आरजेडी और कांग्रेस खुलकर इसका विरोध कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस पर और भी सियासी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।