बीमार हैं, दिल्ली एम्स में भर्ती हैं, लेकिन लालू प्रसाद यादव की पकड़ अब भी उतनी ही मजबूत है, जितनी उनकी सक्रिय राजनीति के दौर में हुआ करती थी। सियासत के इस चाणक्य ने एक बार फिर दिल्ली से दूर बैठकर पटना की बिसात पर चाल चल दी है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार की राजनीति के बुजुर्ग योद्धा लालू यादव ने दिल्ली से आदेश दिया, और उसी पल पटना के राजद कार्यालय में हलचल तेज हो गई। नतीजा? आनन-फानन में 8 नए राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की नियुक्ति—एक ऐसा फैसला, जिसने ये जता दिया कि राजद में आज भी असली मुहर लालू यादव की ही चलती है।
जारी की गई सूची में जिन आठ चेहरों को प्रवक्ता नियुक्त किया गया है, वे हैं: डॉ. श्याम कुमार, डॉ. राजकुमार रंजन, डॉ. दिनेश पाल, डॉ. अनुज कुमार तरुण, डॉ. राकेश रंजन, मिस्टर उत्पल बल्लभ, डॉ. बादशाह आलम और डॉ. रविशंकर रवि।
इन नामों के पीछे की रणनीति भी उतनी ही दिलचस्प है जितनी लिस्ट की टाइमिंग। चुनाव से पहले राजद ने यह साफ कर दिया है कि वह एक सुसंगठित और मजबूत प्रवक्ता टीम के साथ चुनावी मोर्चे पर उतरने जा रही है। दिल्ली में इलाजरत लालू यादव भले अस्पताल में हों, लेकिन उनका राजनीतिक सेंसर पूरी तरह सक्रिय है।






















