Lok Sabha Budget Session: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया। इस कदम को सत्तारूढ़ खेमे ने संसदीय मर्यादाओं पर सवाल उठाने वाला करार दिया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने तीखे शब्दों में विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब यह स्पष्ट है कि संख्या बल के लिहाज से स्पीकर बदलने की कोई संभावना नहीं है, तब यह पहल केवल चर्चा में बने रहने की रणनीति है। उनके मुताबिक सदन शुरू होने के बाद से ही कार्यवाही को प्रभावित करने वाले मुद्दे उठाए जा रहे हैं, जिससे नियमों और संविधान की भावना पर आघात पहुंच रहा है। उन्होंने विपक्ष के भीतर नेतृत्व और विश्वसनीयता के संकट की ओर इशारा करते हुए इसे जनता के बीच खोती साख से जोड़ने की कोशिश बताया।
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव.. लोकसभा में भारी हंगामा, विपक्ष ने दिखाए आक्रामक तेवर
वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने स्पीकर के संवैधानिक पद को दलगत खींचतान से दूर रखने की अपील की। उनके अनुसार स्पीकर का पद लोकतंत्र की निष्पक्षता का प्रतीक होता है और इसे राजनीतिक जिद का मैदान बनाना संसदीय परंपराओं को कमजोर करता है। उन्होंने साफ कहा कि अगर अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी, क्योंकि यह कदम संस्थागत संतुलन को नुकसान पहुंचाने वाला है। इस बयान से संकेत मिलता है कि एनडीए के भीतर इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाने की कोशिश हो रही है, ताकि सदन की गरिमा पर उठे सवालों का राजनीतिक जवाब दिया जा सके।






















