बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार (Bihar Election Defeat) के बाद महागठबंधन के भीतर आत्ममंथन की जगह एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की राजनीति तेज होती दिख रही है। कांग्रेस के अंदर गुटबाज़ी और आरोपों का दौर पहले से जारी है, अब राष्ट्रीय जनता दल के भीतर भी नेतृत्व और रणनीति को लेकर असहज सवाल सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में आरजेडी नेता ऋषि मिश्रा का बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें उन्होंने इशारों-इशारों में पार्टी की मौजूदा राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं।
ऋषि मिश्रा का कहना है कि केवल खुद को A टू Z की पार्टी बताने या बड़े-बड़े दावे करने से चुनावी सफलता नहीं मिलती। उनका तर्क है कि अगर किसी दल को सचमुच आगे बढ़ना है, तो उसे जाति-आधारित संकीर्ण राजनीति से बाहर निकलकर समाज के हर वर्ग को सम्मान और भागीदारी देनी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की राजनीति में समाज को जोड़ने की जरूरत है, न कि वर्गों में बांटने की। अगड़े और पिछड़े के बीच संतुलन बनाए बिना विकास की बात अधूरी रह जाती है।
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अपने बयान में ऋषि मिश्रा ने यह भी संकेत दिया कि किसी एक वर्ग को खुश करने की रणनीति लंबे समय तक कारगर नहीं हो सकती। उनका मानना है कि जब तक राजनीति में सबको साथ लेकर चलने की सोच नहीं होगी, तब तक न तो जनता का भरोसा बनेगा और न ही विकास की राह मजबूत होगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जात-पात की राजनीति छोड़कर ही बिहार को आगे ले जाया जा सकता है।
बिना किसी दल का नाम लिए उन्होंने भाषा और व्यवहार के स्तर पर भी सवाल उठाए। ऋषि मिश्रा ने कहा कि झा, सिंह, सिन्हा या श्रीवास्तव जैसे उपनामों को निशाना बनाकर या अपमानित करके कोई भी पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती। गाली-गलौज और अपमान से राजनीति में कोई स्थायी लाभ नहीं मिलता। जनता उन्हीं पर भरोसा करती है, जिनकी भाषा संयमित और व्यवहार सकारात्मक होता है।
अपने बयान के दौरान ऋषि मिश्रा ने नितिन नवीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई भी दी। उन्होंने नितिन नवीन को युवा सोच का नेता बताते हुए कहा कि ऐसी कार्यशैली पार्टी और समाज दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। उनके अनुसार, मौजूदा दौर की राजनीति को नई ऊर्जा और नए विचारों की सख्त जरूरत है, जो युवा नेतृत्व ही दे सकता है। ऋषि मिश्रा ने उम्मीद जताई कि नितिन नवीन जैसे नेता सबको साथ लेकर चलने वाली राजनीति को बढ़ावा देंगे।






















