बिहार में मकर संक्रांति (Makar Sankranti Bihar) केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सियासत का सबसे नरम लेकिन प्रभावी मैदान भी बन चुका है। परंपरागत दही-चूड़ा भोज के बहाने जहां समाजिक मेलजोल बढ़ता है, वहीं इस बार राजनीतिक संदेश देने की कोशिशें साफ दिखाई दे रही हैं। पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी रही कि कौन किसके घर पहुंचा और किस भोज से दूरी बनाए रखी गई। तेज प्रताप यादव के घर के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी दही चूड़ा लेकर पहुंच रहे हैं।
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आज सबकी नजर आज तेजप्रताप के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज पर है। तेजप्रताप के भोज में लालू यादव, राज्यपाल, बड़े मामा प्रभुनाथ यादव और चेतन आनंद भी पहुंचे हैं। चेतन आनंद ने कहा कि तेज प्रताप यादव ने बहुत ही प्यार से बुलाया है, इसलिए आए हैं। वहीं लालू यादव ने कहा कि वो तेजप्रताप से नाराज नहीं है। वो परिवार के साथ ही रहें। तेजप्रताप के बीजेपी में जाने के सवाल पर कहा कि, बेटे को हमेशा आशीर्वाद रहेगा।

वहीं रत्नेश सदा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में सीएम नीतीश कुमार शामिल हुए। रत्नेश सदा ने कहा, मेरा टिकट को लेकर हेरफेर की जा रही थी, लेकिन नीतीश कुमार ने मुझे बुलाकर टिकट दिया। बीजेपी दफ्तर में दही-चूड़ा भोज के बीजेपी के बड़े नेता पहुंचे हैं।

भाजपा कार्यालय में भी आज दही चूड़ा भोज का आयोजन है, जहां दिलीप जायसवाल, संजय सरावगी, सम्राट चौधरी सहित भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता पहुंचे हैं। इधर, चिराग पासवान ने भी अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज रखा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और NDA के कई मंत्री और नेता शामिल हो सकते हैं। वहीं, राबड़ी आवास पर इस बार सन्नाटा पसरा रहेगा।






















