हावड़ा: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। हावड़ा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) द्वारा 1 अप्रैल से कई दवाओं की कीमतों में की गई बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना की। ममता ने कहा कि यह कदम गरीबों के लिए भारी पड़ रहा है, जो विदेश में इलाज कराने में असमर्थ हैं। ममता बनर्जी ने कहा, “हमारी सरकार ने मुफ्त इलाज और बहुत कम कीमत पर जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराई हैं। लेकिन केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए सभी काम ठप कर दिए हैं। केंद्र क्या कर रहा है? लोगों के बीच फूट डालने और दंगे भड़काने की राजनीति।”
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है ममता ने केंद्र सरकार पर गरीबों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दवाओं की कीमतों में यह बढ़ोतरी उन लोगों के लिए बड़ा झटका है, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा गरीबों के हितों को प्राथमिकता दी है।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश भर में दवाओं की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बढ़ोतरी से आम लोगों, खासकर निम्न आय वर्ग के लोगों पर भारी बोझ पड़ सकता है। ममता बनर्जी का यह बयान केंद्र और राज्य सरकारों के बीच स्वास्थ्य नीतियों को लेकर चल रहे तनाव को और उजागर करता है।