Manoj Jha statement: दिल्ली में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और भारतीय जनता पार्टी के बीच हुई मुलाकात ने देश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस बैठक के बीच शकसगाम वैली जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा की खबरों ने विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का मौका दे दिया है। राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार और खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है।
मनोज झा ने कहा कि जिस वक्त चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भारत में मौजूद है और बीजेपी के साथ उसकी बैठक हो रही है, उसी दौरान शकसगाम वैली जैसे रणनीतिक और संवेदनशील क्षेत्र का जिक्र सामने आना चिंताजनक है। उन्होंने याद दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरा देश जानता था कि पाकिस्तान के पीछे कौन ताकत खड़ी थी। न केवल आम जनता बल्कि प्रधानमंत्री और भारतीय सेना भी इस सच्चाई से भली-भांति अवगत हैं। ऐसे में चीन से जुड़े मामलों पर सरकार का रवैया और ज्यादा स्पष्ट तथा मजबूत होना चाहिए था।
आरजेडी सांसद ने प्रधानमंत्री के उस रुख पर भी सवाल उठाया, जिसमें वे सार्वजनिक मंचों से माओवाद के खिलाफ सख्त बयान देते रहे हैं। मनोज झा के मुताबिक, एक तरफ सरकार माओवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बताती है, वहीं दूसरी ओर उसी विचारधारा से जुड़े चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ राजनीतिक स्तर पर बातचीत हो रही है। यह विरोधाभास सरकार की नीयत और नीति दोनों पर सवाल खड़े करता है।
मनोज झा ने इस पूरी स्थिति को “सरकार के लिए शोभनीय नहीं” बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे गंभीर विषय पर सरकार को किसी सर्कस की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। उनका कहना था कि विदेश नीति कोई तात्कालिक राजनीतिक लाभ का मंच नहीं होती, बल्कि यह देश की सुरक्षा, संप्रभुता और भविष्य से जुड़ा मामला होता है। ऐसे में सरकार को हर कदम बेहद सोच-समझकर उठाना चाहिए।
आरजेडी सांसद ने चिंता जताई कि मौजूदा सरकार में विदेश नीति की अवधारणा ही सरकार से पराई होती जा रही है। उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के संदर्भ में भारत की नीति में स्पष्टता और निरंतरता का अभाव दिख रहा है। कभी सख्त बयान, कभी कूटनीतिक चुप्पी और कभी ऐसे राजनीतिक संवाद, जिनका संदेश आम जनता तक स्पष्ट नहीं पहुंचता, यह सब मिलकर सरकार की विदेश नीति को कमजोर बनाते हैं।





















