प्रेम की कोई सीमा नहीं होती, न ही यह जाति, धर्म, या राष्ट्रीयता की परवाह करता है। यह बात फिलीपींस की चार्लीन और बिहार के मोतिहारी के रहने वाले अमृत श्रीवास्तव की शादी ने एक बार फिर साबित कर दी। चार्लीन (28) और अमृत (33) की शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।
चार्लीन अपनी जिंदगी के प्यार, अमृत से शादी करने के लिए 4 फरवरी को फिलीपींस से अपने पूरे परिवार के साथ मोतिहारी पहुंचीं। दोनों ने दुबई में 3 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद शादी करने का फैसला किया। यह विवाह न केवल दो व्यक्तियों का मिलन था, बल्कि दो संस्कृतियों का संगम भी था।
प्यार की शुरुआत
अमृत, जो पिछले 5 साल से दुबई में रह रहे हैं, वहां एमबीए करने के बाद नौकरी कर रहे थे। चार्लीन और अमृत की मुलाकात 3 साल पहले एक होटल में हुई थी। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। अमृत ने बताया कि चार्लीन से पहली नजर में प्यार हो गया था, लेकिन इस प्यार को व्यक्त करने में उन्हें एक साल लग गया।
पारिवारिक सहमति और शादी का इंतजार
विदेशी बहू के विचार को परिवार में स्वीकार करना आसान नहीं था, लेकिन अमृत के छोटे भाई पंकज ने परिवार को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों की शादी पहले 2024 में होने वाली थी, लेकिन अमृत के पिता के निधन के कारण इसे एक साल के लिए टालना पड़ा। अंततः परिवारों की सहमति से हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी चकिया ब्लॉक के चिंतामणपुर गांव में संपन्न हुई।
शादी का जश्न
चार्लीन के परिवार ने इस शादी को पूरी तरह से स्वीकार किया और उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए समारोह की सारी तैयारियां की गईं। शादी रामसन प्लाजा होटल में भव्य तरीके से आयोजित की गई। चार्लीन के पिता मैगनोलिया ने भी इस खास मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
यह शादी न केवल चार्लीन और अमृत के लिए यादगार बनी, बल्कि यह दर्शाती है कि प्यार हर सीमा और संस्कृति से परे है। दोनों ने अपने प्यार और रिश्ते को दो परिवारों और संस्कृतियों के बीच एक खूबसूरत पुल बना दिया।