मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में भीषण विस्फोट होने से कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई। कई अन्य मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है। यह हादसा थांगस्कू (या थांगस्काई) इलाके में एक ‘रैट-होल’ प्रकार की अवैध खदान में हुआ, जहां डायनामाइट या अन्य विस्फोटक के इस्तेमाल के दौरान धमाका हुआ।
पुलिस महानिदेशक आई. नोंगरंग और ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने पुष्टि की कि अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। एक मजदूर घायल होकर शिलांग में इलाजरत है। खदान में मौजूद कुल मजदूरों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, इसलिए बचाव अभियान जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।यह घटना मेघालय में अवैध रैट-होल माइनिंग की खतरनाक परंपरा को फिर उजागर करती है, जिस पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा 2014 से प्रतिबंध है, लेकिन यह अवैध रूप से जारी है।
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राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने भी मुआवजे की घोषणा की है और घटना की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।






















