बिहार सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। विधानसभा में पथ निर्माण विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।सरकार का प्रमुख लक्ष्य है कि राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना तक पहुंचने का समय घटाकर महज चार घंटे कर दिया जाए। इसके लिए सड़कों, एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और पुलों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
राज्य में 5 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे, जिनमें वराणसी-रांची-कोलकाता, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, पटना-पूर्णिया, रक्सौल-हल्दिया और बक्सर-भागलपुर जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से झारखंड के बैद्यनाथधाम तक, जिसमें बिहार में लगभग 250 किमी का चार-लेन एक्सप्रेसवे बनेगा। यह धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा और काठमांडू से देवघर तक सीधा कनेक्शन प्रदान करेगा।
नदियों पर 12 नए पुल बनाए जाएंगे, जिनमें गंगा पर 3, कोसी पर 3, सोन पर 2 और गंडक पर 4 पुल शामिल हैं। 3000 किमी नए स्टेट हाईवे का निर्माण और 19,353 किमी सड़कों के रखरखाव की योजना है।राज्य में सभी सिंगल-लेन सड़कों को टू-लेन में अपग्रेड किया जाएगा, ताकि गांव-गांव तक बेहतर कनेक्टिविटी हो पथ निर्माण विभाग में 1300 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।मंत्री दिलीप जायसवाल ने विधानसभा में बताया कि ये सभी परियोजनाएं राज्य के सुदूर इलाकों से पटना तक तेज और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेंगी। इससे आर्थिक विकास, धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क में बड़ी तेजी आएगी।






















