राजधानी के होटल मौर्या में शिक्षा, प्रेरणा और सम्मान की त्रिवेणी एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनी। इवेंटजिक मीडिया और मीडिया आउटडोर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘बिहार एजुकेशन समिट सीजन-2 सह बिहार शिक्षा रत्न सम्मान समारोह’ में बिहार की धरती पर शिक्षा के प्रकाश स्तंभों को नमन किया गया। इस गरिमामयी आयोजन का उद्घाटन सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार ने किया।
“बिहार देवों की भूमि, शिक्षा का पहला दीप यहीं जला”
कार्यक्रम के उद्घाटन भाषण में मंत्री प्रेम कुमार ने भावुकता और गर्व के साथ कहा कि “बिहार वह भूमि है जिसने पूरे देश को सत्य का मार्ग दिखाया है। यह ऋषियों और मुनियों की धरती है, जहां से शिक्षा की सबसे पहली किरण फूटी थी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज भी बिहार शिक्षा की दिशा में उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
सम्मान की गरिमा: पत्रकार संजीत मिश्रा को मिला विशेष सम्मान
इस आयोजन की एक अहम झलक तब दिखी जब वरिष्ठ पत्रकार संजीत मिश्रा को भी ‘बिहार शिक्षा रत्न सम्मान’ से नवाज़ा गया। 18 वर्षों तक स्वतंत्र वार्ता, I Next, हिंदुस्तान, प्रभात खबर और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रह चुके संजीत मिश्रा को मीडिया जगत में उनकी अमूल्य भूमिका के लिए सम्मानित किया गया।
महिलाओं की शिक्षा पर खास फोकस
विधान परिषद सदस्य अनामिका पटेल ने महिलाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि “एक महिला अगर शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। आज की नारी जागरूक हो चुकी है और यह बिहार की सामाजिक उन्नति का परिचायक है।” वहीं पटना की मेयर सीता साहू ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।
सम्मानित हुए शिक्षा के कई सितारे
इस मौके पर शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने वाले कई व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।
इसमें प्रमुख रूप से:
डॉ. कुमार राजेश रंजन, डॉ. विनीत कुमार, राणा राहुल सिंह, स्मृति रावत, अमरदीप झा गौतम, भीम प्रसाद यादव, निकिता पांडे, प्रीति बाला, अनुराग राज सहित दर्जनों लोगों को ‘बिहार शिक्षा रत्न सम्मान’ प्रदान किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य – प्रेरणा का मंच देना
कार्यक्रम के आयोजक चंदन राज ने कहा कि “इस मंच का मकसद सिर्फ पुरस्कार देना नहीं, बल्कि उन लोगों को सामने लाना है जो शिक्षा को समाज परिवर्तन का माध्यम बना रहे हैं।”