बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को मोकामा-बड़हिया टाल क्षेत्र (Mokama Taal Issue) के किसानों की समस्याएं सदन में प्रमुखता से उठीं, जिससे एक बार फिर राज्य की कृषि व्यवस्था, जल प्रबंधन और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नीति पर चर्चा तेज हो गई। जलजमाव, फसल नुकसान और दलहन व मक्का खरीद से जुड़े मुद्दों ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर बहस को जन्म दिया।
मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विधायक अनंत सिंह फिलहाल जेल में हैं, लेकिन उनके इलाके के किसानों की परेशानियों को लेकर राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने सरकार से सवाल किए। उन्होंने टाल क्षेत्र से समय पर पानी की निकासी न होने के कारण किसानों को हो रहे नुकसान की ओर ध्यान दिलाया। यह क्षेत्र मोकामा और लखीसराय विधानसभा क्षेत्रों में फैला हुआ है, जहां खेती पूरी तरह जल प्रबंधन पर निर्भर रहती है। बारिश और नदी के पानी के कारण लंबे समय तक जलजमाव होने से किसानों को फसल चक्र प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में टाल क्षेत्र में कृषि और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और दलहन उत्पादों की खरीद के लिए तय मानकों के अनुसार MSP नीति लागू की जा रही है। हालांकि विपक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि जमीन पर इन योजनाओं का लाभ किसानों तक कितना पहुंच रहा है।
जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने टाल क्षेत्र में जल प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों का विवरण देते हुए कहा कि सरप्लस पानी निकालने की व्यवस्था बनाई जा रही है और हारोहार नदी के माध्यम से गंगा में पानी प्रवाहित करने की योजना पर काम हो रहा है। इसके साथ ही लखीसराय के बालगुदर में एंटी फ्लड स्विस गेट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में जलजमाव की समस्या कम होने की उम्मीद जताई गई। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से टाल क्षेत्र की कृषि उत्पादकता में सुधार आएगा और किसानों को स्थायी समाधान मिलेगा।
विधानसभा में बहस का दूसरा अहम मुद्दा फसल खरीद से जुड़ा रहा। जोकीहाट विधायक ने मक्का खरीद को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने पैक्स और व्यापार मंडल दोनों से खरीद का आदेश देने की बात कही, लेकिन जमीनी स्तर पर केवल व्यापार मंडल को ही आदेश मिला है। उन्होंने सरकार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया, जिससे सदन में माहौल गर्म हो गया।
इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि मक्का खरीद NCCF के माध्यम से तब की जाएगी जब इथेनॉल प्लांट से मांग आएगी। AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि MSP का उद्देश्य ही यह है कि बाजार में मांग कम होने पर भी किसानों को न्यूनतम मूल्य मिल सके। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्री को सुझाव दिया कि सदस्यों की राय को ध्यान में रखते हुए नीति की समीक्षा की जाए।






















