बिहार ने गवर्नेंस मॉडल के मामले में सुशासन, सर्वांगीण विकास से होते हुए जातीय-आर्थिक सर्वेक्षण तक का सफर पूरा किया है। कृषि रोड मैप से लेकर विकास की ऐसी योजनाओं का गवाह बिहार बना है, जिसकी सराहना में पक्ष-विपक्ष एक खूंटे से बंध गए। लेकिन हकीकत यह है कि बिहार में 64 फीसदी परिवार ऐसे हैं, जिनकी मासिक आय 10 हजार रुपए या उससे कम है। इसमें 34.13 फीसदी परिवार ऐसे हैं, जिनकी मासिक आय 6 हजार रुपए तक ही है।
वहीं 29.61 फीसदी परिवार ऐसे हैं, जिनकी मासिक आय 6 हजार रुपए से अधिक है लेकिन 10 हजार से अधिक नहीं है। जबकि 18.06 फीसदी परिवारो की मासिक आय 10 हजार रुपए से 20 हजार रुपए के बीच है। वहीं 9.83 फीसदी परिवारों की आय 20 हजार रुपए से 50 हजार रुपए तक है। बिहार में 4.47 फीसदी परिवार ऐसे भी हैं, जिनके बारे में रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने अपने आय की जानकारी नहीं दी है। जबकि बिहार में सिर्फ 3.90 फीसदी परिवार ऐसे हैं, जिनकी मासिक आय 50 हजार रुपए से अधिक है।





















