बिहार में गुरुवार से मैट्रिक परीक्षा (matriculation examination) कदाचारमुक्त कराने सरकार की दवा की खुली पोल। मोतिहारी (motihari) में प्रथम पाली की परीक्षा शुरू होने के एक घण्टे पहले सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल हो गया। वायरल प्रश्न को देखते ही परीक्षा केंद्र के बाहर व शहर में भीड़ उमडने लगी। वहीं परिक्षार्थियों के परिजन वाइरल प्रश्नपत्र के जवाब का फोटो स्टेट लेकर परीक्षार्थियों तक पहुंचाते नजर आए। वहीं कुछ लोग इसे अफवाह बताकर इस पर ध्यान नही दिया। वहीं जब प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त हुई तो प्रथम दृष्टया वायरल प्रश्नपत्र सही पाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने त्वरित जांच टीम का गठन किया है। हालांकि प्रशासन परीक्षा को कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण होने का दवा कर रही है।
प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल
इंटर की परीक्षा के प्रथम दिन गाड़ी की लाइट जलाकर परीक्षा होने की भद पीटने में अभी जांच चल रही रही थी कि दूसरा मामला मैट्रिक की परीक्षा के प्रथम दिन प्रथम पाली में परीक्षा शुरू होने के लगभग एक घंटा पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। समय से पूर्व होने के कारण प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों तक पहुंच गया। हालांकि कुछ लोग अफवाह समझ रहे थें। लेकिन प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद वाइरल प्रश्नपत्र सही पाए जाने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया।

वायरल प्रश्नपत्र सही पाया गया
आखिर जब प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय पर मजिस्ट्रेट व केंद्राधीक्षक के उपस्थिति में खुलती है तो समय के पूर्व मार्केट में कैसे पहुच गया। हालांकि सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने के बाद डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच कमिटी का गठन किया है। मोतिहारी सदर एसडीओ ने सदर अनुमंडल के सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रथम पाली की परीक्षा कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण होने का दवा किया है। वायरल प्रश्नपत्र में 16 प्रश्न थें। वायरल प्रश्नपत्र सही था। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र वाइरल होने ही जांच साइबर सेल सहित स्तर से किया जा रहा है। जांच में दोषी पाए जाने वाले पर कठोर करवाई की जाएगी।
