मुजफ्फरपुर के मोतीपुर थाना क्षेत्र (Motipur Fire Accident) के वार्ड संख्या 13 में शुक्रवार की देर रात हुई भयावह आगजनी ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। तीन मंजिला घर में अचानक लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के पाँच सदस्यों की जान ले ली, जबकि सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज एसकेएमसीएच (SKMCH) मुजफ्फरपुर में चल रहा है, जहाँ उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना ललन साह के घर की है, जहाँ देर रात सभी लोग सो रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर में शॉर्ट सर्किट हुआ और चंद ही मिनटों में आग इतनी भयावह रूप ले बैठी कि परिवार को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि पूरा घर कुछ ही क्षणों में धुएँ और आग से भर गया, जिससे अंदर मौजूद लोग बचाव का कोई प्रयास भी नहीं कर सके।
डीएसपी पश्चिमी सुचित्रा कुमारी रात में ही घटना स्थल पर पहुँचीं। उन्होंने पाँच लोगों की मौत और सात लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है, लेकिन फिलहाल शॉर्ट सर्किट ही प्रमुख कारण माना जा रहा है।
सीएम नीतीश कुमार बोले- बिहार की जनता का धन्यवाद.. जानिए जीत के बाद सम्राट चौधरी ने क्या कहा
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग अचानक इतनी तेजी से बढ़ी कि किसी के चीखने-चिल्लाने की आवाज तक बाहर नहीं आई। स्थानीय लोग मदद के लिए जुटे लेकिन आग की भयावहता के सामने उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। फायर ब्रिगेड की टीम ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक परिवार का अधिकांश हिस्सा लपटों में समा चुका था।
मृतकों में ललन कुमार, उनकी माँ सुशीला देवी, पत्नी पूजा कुमारी और दो बेटियाँ—श्रिष्टि और गोलू शामिल हैं। ये सभी घर के भीतर ही सोए हुए थे और आग की चपेट में आकर मौके पर ही दम तोड़ बैठे। घायल होने वालों में लालाबाबू प्रसाद, उनकी पत्नी, माला देवी, साक्षी कुमारी, अर्जुन कुमार, ऋषभ कुमार और अमन कुमार शामिल हैं। इनमें कुछ रिश्तेदार थे, जो घर में ठहरे हुए थे।






















