पटना में मेडिकल की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा गायत्री कुमार की संदिग्ध मौत (NEET Aspirant Death) ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। इस मामले को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, वहीं राज्य सरकार ने जांच को तेज करते हुए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन कर दिया है। सरकार का दावा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होगी और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने छात्रा की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अपने अस्तित्व को बचाने और राजनीति चमकाने के लिए सड़कों पर उतर रही है, जबकि सरकार खुद सक्रिय होकर जांच कर रही है।
वहीं, इस मामले पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि छात्रा की मौत को लेकर कई तरह की भ्रामक बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे सरकार और पुलिस पर भरोसा रखें। अशोक चौधरी के मुताबिक एसआईटी दो से तीन दिनों के भीतर कई अहम तथ्यों से पर्दा उठा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय है।
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छात्रा की मौत को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन और पुतला दहन पर सरकार के अन्य नेताओं ने भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि नीतीश कुमार की सरकार में अपराधियों को न तो बचाया जाता है और न ही किसी दबाव में जांच को कमजोर किया जाता है। ऐसे में जब सरकार खुद हाई लेवल जांच करा रही है तो विपक्ष का सड़क पर उतरना केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।
इस पूरे प्रकरण पर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के विधायक संजय सिंह ने कहा कि मेडिकल की तैयारी करने वाली छात्रा की मौत बेहद दुखद है और इस मामले में दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है और वह स्वयं भी इस मुद्दे को सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हॉस्टल और कोचिंग से जुड़े ऐसे मामलों को देखते हुए सरकार भविष्य में कड़े दिशा-निर्देश जारी कर सकती है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह ने भी इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक चूक सामने आती है तो दोषी अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा। कांग्रेस के प्रदर्शन पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष जनता के असली मुद्दों पर कम और राजनीति करने में ज्यादा सक्रिय नजर आता है।
















