पटना में हुई नीट छात्रा की संदिग्ध मौत (NEET Student Death Case) मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच को और गहराई देते हुए गुरुवार को तीसरी बार जहानाबाद पहुंचकर पूछताछ की। पांच सदस्यीय टीम, जिसमें एक महिला इंस्पेक्टर भी शामिल थीं, मखदुमपुर थाना क्षेत्र स्थित छात्रा के मामा के गांव पहुंची और परिवार के सदस्यों से लंबी पूछताछ की। लगातार हो रही यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि एजेंसी अब केस के हर एंगल को विस्तार से खंगाल रही है और नए तथ्य जुटाने की कोशिश में है।
जांच एजेंसी की टीम ने छात्रा के मामा समेत अन्य रिश्तेदारों से कई घंटों तक सवाल-जवाब किए। इससे पहले 17 फरवरी को भी सीबीआई टीम जहानाबाद आई थी, जहां छात्रा के पैतृक गांव में माता-पिता, भाई, भाभी, दादी और फुआ से विस्तार से पूछताछ की गई थी। उसी दौरान छात्रा के भाई का मोबाइल फोन जब्त किया गया था, जो जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मोबाइल फोन की लोकेशन और उससे जुड़े डेटा की पड़ताल को केस के महत्वपूर्ण पहलुओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
जांच के दौरान पता चला कि मोबाइल फोन को रिपेयरिंग के लिए मखदुमपुर की एक दुकान पर दिया गया था। जब टीम वहां पहुंची तो दुकान बंद मिली, लेकिन बाद में मोबाइल फोन पास की पान दुकान से बरामद कर लिया गया। यह घटनाक्रम कई सवाल खड़े करता है और जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि फोन वहां कैसे पहुंचा और किसने इसे रखा।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई टीम ने पटना लौटते समय छात्रा के मामा को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उनके निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने के बाद टीम ने खुद गांव जाकर पूछताछ करने का फैसला किया। इससे संकेत मिलता है कि एजेंसी इस केस में हर संभावित जानकारी को गंभीरता से ले रही है और किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती।
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इससे पहले 15 फरवरी को आईजी और एसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में करीब 20 सदस्यीय सीबीआई टीम गांव पहुंची थी। उस दौरान घंटों चली पूछताछ के बाद टीम छात्रा से जुड़े कई दस्तावेज और सामग्री अपने साथ ले गई थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच से केस की दिशा तय हो सकती है।
मामले को और संवेदनशील बनाने वाली घटना वह रही, जब 14 फरवरी की रात छात्रा के घर पहली बार धमकी भरा हस्तलिखित पर्चा फेंका गया, जिसमें पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके दो दिन बाद 16 फरवरी की रात फिर एक पर्चा फेंककर छात्रा के भाई को हत्या की धमकी दी गई। इन धमकियों ने केस को और रहस्यमय बना दिया है औरि जांच एजेंसी अब इस एंगल से भी गहन जांच कर रही है कि क्या यह किसी दबाव या साजिश का हिस्सा है।






















