बिहार में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत (NEET Student Death) का मामला अब केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस और आरोप–प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के एक बयान के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर उन्हें यह जानकारी कहां से मिली कि इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने जांच शुरू कर दी है, जबकि राज्य सरकार के स्तर पर ऐसी किसी आधिकारिक सूचना की पुष्टि नहीं हुई है।
दरअसल, जीतन राम मांझी भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण किया और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। मांझी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने अपने राजनीतिक जीवन में गरीबों, वंचितों और पिछड़ों को आगे बढ़ाने का ऐतिहासिक काम किया और उनके विकास की नींव रखी। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का विचार आज भी प्रासंगिक है और सामाजिक न्याय की राजनीति को दिशा देता है।
कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने नीट छात्रा मौत मामले और इस पर पप्पू यादव के बयान को लेकर सवाल किया, तो मांझी ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार इस मामले में चुप नहीं बैठी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने SIT का गठन कर दिया है और जांच प्रक्रिया चल रही है। उनके मुताबिक, सरकार ठोस आधार पर निर्णय लेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मांझी ने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, कैंडल मार्च निकाल रहे हैं, जो यह दिखाता है कि समाज इस घटना को लेकर कितना संवेदनशील है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि नीतीश कुमार एक संवेदनशील नेता हैं और उनकी सरकार में किसी को भी संरक्षण नहीं मिलेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य की जांच एजेंसियां इस मामले का जल्द उद्भेदन करेंगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि जांच के दौरान जरूरत पड़ी तो CBI से भी जांच कराई जा सकती है, लेकिन अभी राज्य सरकार की एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।
CBI जांच को लेकर मांझी के बयान पर उठे सवालों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष पूछ रहा है कि अगर राज्य सरकार को इसकी जानकारी नहीं है तो केंद्रीय मंत्री को यह सूचना कैसे मिली। वहीं सत्तापक्ष इसे बयान का संदर्भ और आशय बताकर विवाद को शांत करने की कोशिश कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने नीट छात्रा मौत मामले को और अधिक संवेदनशील और राजनीतिक रूप से अहम बना दिया है।
इसी बातचीत के दौरान मांझी ने निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर निशांत कुमार की राजनीति में रुचि है तो उन्हें जरूर आना चाहिए, राजनीति किसी के लिए बंद नहीं है। उनका यह बयान भी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।






















