पटना। बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर छात्रा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बहस का केंद्र बन गई है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा (NEET Student Death) के साथ हुए दुष्कर्म और बाद में उसकी मौत के मामले ने न सिर्फ समाज को झकझोर दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने पटना की सड़कों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका और “बिहार में बेटियां असुरक्षित” जैसे नारों के साथ सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के बाद प्रशासन की सक्रियता सवालों के घेरे में है और सरकार ने मामले की गंभीरता को समझने में देर की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिहार में तथाकथित डबल इंजन सरकार होने के बावजूद छात्राएं और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने इस घटना को सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रतीक बताया। कांग्रेस का आरोप है कि हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार “सुशासन” के दावों में उलझी हुई है।

प्रदर्शन के दौरान कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि यह मामला सत्ता और व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर करता है। अगर समय रहते सख्त कदम उठाए गए होते, तो शायद हालात इतने भयावह न होते। वहीं प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने साफ शब्दों में कहा कि दोषी चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।






















