पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदेहास्पद मौत के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। जहानाबाद जिले की रहने वाली यह छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल (चित्रगुप्त नगर) में रहकर NEET की कोचिंग ले रही थी। घटना की शुरुआत जनवरी की शुरुआत में हुई, जब छात्रा को उसके कमरे में बेहोश हालत में पाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में उसके कपड़ों पर स्पर्म के निशान मिले, जिससे यौन उत्पीड़न (रेप) की पुष्टि हुई और मामला हत्या का रूप ले लिया। परिवार ने शुरू से ही इसे हत्या बताया और पुलिस पर सबूत छिपाने व दबाव बनाने का आरोप लगाया।
बिहार सरकार ने पटना NEET दुष्कर्म-हत्या केस CBI को सौंपा, तेजस्वी बोले- भ्रष्ट तंत्र की करारी हार!
इस मामले को लेकर विभिन्न सामाजिक संस्थाएं, छात्र संगठन और आम नागरिक सड़कों पर उतर आए। जहानाबाद और औरंगाबाद से शुरू होकर प्रदर्शनकारी पटना पहुंचे। आज (31 जनवरी 2026) एक सामाजिक संस्था के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आर ब्लॉक चौराहे से आयकर गोलंबर की ओर जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात कर पटना को छावनी में तब्दील कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने CBI जांच, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और लड़कियों की सुरक्षा की मांग की।
बिहार सरकार ने दबाव के बाद बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस मामले (चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 14/26) की CBI जांच का आग्रह किया है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी पुष्टि की। पहले SIT जांच कर रही थी, जिसमें 6 से अधिक संदिग्धों के DNA सैंपल लिए गए और कुल 25 लोगों के टेस्ट की बात कही गई। हालांकि, परिवार CBI जांच पर भी भरोसा नहीं जता रहा और हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली जांच की मांग कर रहा है।यह मामला बिहार में छात्राओं की सुरक्षा, निजी हॉस्टलों की व्यवस्था और जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। विरोध प्रदर्शन जारी हैं और न्याय की उम्मीद बढ़ रही है।






















