बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में एक बार फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA Action in Kishanganj) की सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया है। फुलवारी शरीफ से जुड़े चर्चित PFI आतंकी साजिश मामले में NIA ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि वर्ष 2022 के इस मामले की जांच अब भी कई स्तरों पर जारी है और एजेंसी पुराने नेटवर्क की परतें दोबारा खंगाल रही है।

सूत्रों के मुताबिक, NIA की टीम ने किशनगंज के उत्तर पल्ली इलाके से महफूज आलम और आफताब नामक दो युवकों को पूछताछ के लिए टाउन थाना लाया। बताया जा रहा है कि इन दोनों को पहले ही NIA की ओर से नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद की यह कार्रवाई इस बात की ओर इशारा करती है कि एजेंसी को इनके संबंधों और गतिविधियों को लेकर ठोस इनपुट मिले थे। टाउन थाना परिसर में कई घंटों तक चली पूछताछ के दौरान NIA अधिकारियों ने दोनों से उनके संपर्कों, यात्रा विवरण और कथित संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर सवाल किए।
पूछताछ के बाद आफताब को रिहा कर दिया गया, जबकि महफूज आलम से सवाल-जवाब का सिलसिला अब भी जारी है। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि महफूज आलम का नाम प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI से जुड़े मामलों में पहले भी सामने आ चुका है और उसे संगठन का सक्रिय सदस्य माना जा रहा है। हालांकि NIA की टीम ने आधिकारिक तौर पर इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है, लेकिन एजेंसी की चुप्पी को जांच की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
यह पूरी कार्रवाई 2022 के फुलवारी शरीफ मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसने उस समय पूरे बिहार की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था में हलचल मचा दी थी। उस केस में PFI से जुड़े लोगों पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने, कथित आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाने और ‘इंडिया 2047’ नामक दस्तावेज के जरिए देश में इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। NIA ने उस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं और चार्जशीट के जरिए संगठन की कार्यप्रणाली को सामने लाने की कोशिश की है।
किशनगंज का नाम इस जांच में पहले भी सामने आ चुका है। सितंबर 2025 में NIA ने PFI के बिहार प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी को भी इसी जिले से गिरफ्तार किया था। उस गिरफ्तारी के बाद से ही माना जा रहा था कि सीमावर्ती इलाकों में संगठन के नेटवर्क को लेकर एजेंसियां खास तौर पर सतर्क हैं। ताजा कार्रवाई से यह साफ है कि NIA किसी भी ढीले सिरे को छोड़ने के मूड में नहीं है और पुराने मामलों से जुड़े हर संदिग्ध कनेक्शन की दोबारा पड़ताल की जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन NIA की मौजूदगी और लगातार हो रही पूछताछ ने इलाके में हलचल जरूर बढ़ा दी है।


















