झारखंड के तेतरियाखाड़ कोयला खदान में एक संगठित गिरोह द्वारा किये हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआएए) ने गुरुवार को बिहार में पूर्णिया, भागलपुर और मधेपुरा में छापेमारी की और एक को गिरफ्तार किया.संदिग्धों के परिसरों की तलाशी में पांच मोबाइल फोन, एक हार्ड डिस्क, एक मैगजीन के साथ एक राइफल, एक पिस्टल, दो मैगजीन और विभिन्न कैलिबर के 63 जीवित गोला-बारूद जब्त किये गये.
इसके अलावा, एनआइए की टीमों ने आपत्तिजनक दस्तावेजों के साथ 1.30 करोड़ नकद भी जब्त किए.मामला वर्ष का 2020 है.झारखंड के लातेहार में आपराधिक साजिश के तहत रंगदारी मांगने और सरकारी काम में बाधा डालने से संबंधित मुकदमा झारखंड पुलिस द्वारा दायर किया गया था, जिसे वर्ष 2021 में एनआइए को जांच के लिये सौंप दिया गया. एनआइए ने इस संबंध में अभी तक कुल 24 आरोपियों के खिलाफ तीन आरोपपत्र दायर किए हैं.
क्या है मामला
झारखंड में एक आतंकवादी गिरोह के सुजीत सिन्हा, अमन साहू और अन्य लोगों द्वारा कोयला खदान पर हमला किया था. एनआइए की जांच के अनुसार, अमन साहू गिरोह झारखंड में कई सनसनीखेज अपराधों में शामिल था.जिसमें डीएसपी पर गोलीबारी के साथ-साथ व्यवसायियों और ठेकेदारों से जबरन वसूली शामिल थी. एनआइए के अनुसार गिरोह ने झारखंड के बाहर विभिन्न टूटे हुए नक्सली संगठनों और अन्य संगठित आपराधिक गिरोहों के साथ भी संबंध बना लिये थे.आज जिन स्थानों पर छापा मारा गया,वे आतंकवादी गतिविधियों की साजिश में शामिल गिरोह के सदस्य के थे.
अमन साहू की जबरन वसूली केधन को भागलपुर के शंकर यादव निवेश करते थे
एनआइए की जांच में खुलासा हुआ है कि भागलपुर जिले के शंकर यादव अमन साहू के उगाही की राशि को रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश औैर चैनलाइज़ करने में शामिल था. यादव के पास से 1.30 करोड़ नकद बरामद हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.साहू के एक अन्य सहयोगी प्रमोद यादव एक आरोपी प्रदीप गंझू को शरण दी थी. वह मधेपुरा जिले का निवासी है और वह राज्य पुलिस द्वारा भी वांछित था और उनकी गिरफ़्तारी पर 3 लाख का नाम इनाम घोषित था.




















